IPL 2026 Controversy: आईपीएल 2025 की तैयारियों के बीच एक बार फिर क्रिकेट और राजनीति आमने-सामने आ गए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से जुड़े बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुस्तफिजुर को टूर्नामेंट से दूर रखने का फैसला लिया है। इस कदम के बाद देश की सियासत में भी बयानबाजी तेज हो गई है।
BCCI ने क्यों लिया सख्त फैसला
सूत्रों के मुताबिक, विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर बने संवेदनशील माहौल और संभावित विवादों को ध्यान में रखते हुए BCCI ने KKR फ्रेंचाइज़ी को स्पष्ट संदेश दिया। बोर्ड का मानना है कि आईपीएल जैसे बड़े मंच पर ऐसा कोई निर्णय नहीं होना चाहिए जिससे जनभावनाएं आहत हों या टूर्नामेंट की छवि प्रभावित हो। इसी नीति के तहत मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2025 की योजना से बाहर किया गया।
संगीत सोम का समर्थन, बताया जनभावनाओं का सम्मान
बीजेपी के वरिष्ठ नेता संगीत सोम ने BCCI के फैसले को सही ठहराते हुए इसे जनता की भावनाओं से जुड़ा निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ खेल का सवाल नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना और आत्मसम्मान का विषय है। संगीत सोम के अनुसार, “यह फैसला करोड़ों लोगों की भावना को ध्यान में रखकर लिया गया है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
KKR प्रबंधन पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी
संगीत सोम ने बिना नाम लिए KKR के मालिकाना पक्ष पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में रहकर यहां की भावनाओं के विरुद्ध जाना उचित नहीं है। उनके अनुसार, देश की जनता और संस्कृति ने ही कई लोगों को पहचान दिलाई है, इसलिए फैसलों में राष्ट्रीय भावनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बांग्लादेश में हालात का जिक्र
बीजेपी नेता ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि वहां से धार्मिक हिंसा और उत्पीड़न की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। संगीत सोम के मुताबिक, ऐसे हालात में बांग्लादेश से जुड़े किसी भी विषय पर अतिरिक्त संवेदनशीलता बरतना जरूरी है।
भारत विरोधी गतिविधियों का आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बांग्लादेश में भारत और भारतीय नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की घटनाएं सामने आई हैं। संगीत सोम का कहना था कि ऐसे समय में भारत को अपने सम्मान और हितों से कोई समझौता नहीं करना चाहिए और BCCI का फैसला इसी सोच को दर्शाता है।
अन्य दलों का भी समर्थन
इस मुद्दे पर शिवसेना (UBT) की ओर से भी समर्थन की आवाज उठी है। पार्टी प्रवक्ता आनंद दुबे ने BCCI के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि जब दो देशों के रिश्ते संवेदनशील दौर में हों, तब ऐसे कदम जरूरी हो जाते हैं। उन्होंने इसे पहले से उठ रही मांगों का नतीजा बताया।
क्रिकेट से आगे बढ़ चुका विवाद
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गया है। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट से जुड़े फैसले सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी प्रभाव डालते हैं। BCCI का यह रुख दर्शाता है कि बोर्ड अब खेल के साथ-साथ परिस्थितियों और जनमत को भी महत्व दे रहा है।
आगे की तस्वीर क्या होगी
फिलहाल KKR प्रबंधन या शाहरुख खान की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन यह साफ है कि आईपीएल 2025 से पहले ही विदेशी खिलाड़ियों की भूमिका और चयन नीति को लेकर नई बहस शुरू हो चुकी है।
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