Caracas Under Fire: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक टकराव अब खुले सैन्य संघर्ष की दिशा में बढ़ता दिख रहा है। शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हुए तेज धमाकों ने पूरे देश को झकझोर दिया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलों में रक्षा मंत्री के आवास और एक प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठान को निशाना बनाए जाने का दावा किया जा रहा है। विस्फोटों के बाद शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई और दहशत का माहौल बन गया।
आधी रात के बाद गूंजे लगातार विस्फोट
स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:50 से 2:00 बजे के बीच काराकास में एक के बाद एक कई धमाकों की आवाज सुनी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कम से कम सात जोरदार विस्फोट हुए, जिनकी गूंज दूर-दूर तक महसूस की गई। कुछ इलाकों में इमारतों की खिड़कियां हिल गईं और आसमान में धुएं के घने बादल दिखाई दिए।
सैन्य ठिकाने और मंत्री का आवास बने निशाना
मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि हमले का मुख्य लक्ष्य काराकास स्थित एक अहम नेवी बेस था। इसके साथ ही वेनेजुएला के रक्षा मंत्री के निजी आवास पर भी हमला होने की बात कही जा रही है। हालांकि, वेनेजुएला सरकार ने शुरुआती घंटों में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की, जिससे अटकलों का दौर तेज हो गया है।
ब्लैकआउट से बढ़ी अफरा-तफरी
विस्फोटों के तुरंत बाद राजधानी के कई इलाकों में पूरी तरह अंधेरा छा गया। ब्लैकआउट के चलते संचार सेवाएं प्रभावित हुईं और लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए। सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई और शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया। कुछ जगहों पर सैन्य विमानों की गतिविधि भी देखी गई।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने की धमाकों की पुष्टि
काराकास में मौजूद CNN की टीम ने भी विस्फोटों की पुष्टि की है। रिपोर्टर के मुताबिक, एक धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतें हिल गईं। इसके बाद लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं, जिससे पूरे शहर में भय का माहौल बन गया।
पुराने तनाव की नई कड़ी
अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते वर्षों से तनावपूर्ण रहे हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान वेनेजुएला के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया था। अमेरिका का आरोप है कि वेनेजुएला सरकार अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क को संरक्षण देती है, जबकि काराकास इन आरोपों को सिरे से नकारता रहा है।
ड्रग तस्करी के नाम पर सैन्य दबाव
अमेरिकी सेना हाल के महीनों में कैरेबियन और पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में ड्रग-रोधी अभियानों को तेज कर चुकी है। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इन ऑपरेशनों में तस्करी से जुड़े कई जहाजों को निशाना बनाया गया। विश्लेषकों का मानना है कि काराकास में हुए धमाके इसी रणनीतिक दबाव का हिस्सा हो सकते हैं।
मादुरो सरकार का जवाबी आरोप
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पहले ही अमेरिका पर देश की संप्रभुता में हस्तक्षेप का आरोप लगा चुके हैं। उनका कहना है कि अमेरिका का असली मकसद वेनेजुएला के तेल और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण हासिल करना है। मादुरो सरकार के अनुसार, ड्रग तस्करी के आरोप केवल सत्ता को कमजोर करने का जरिया हैं।
CIA की भूमिका पर बढ़ी अटकलें
हाल ही में अमेरिका की ओर से संकेत दिए गए थे कि CIA को वेनेजुएला के भीतर ऑपरेशन की छूट दी गई है। इसका उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर रोक बताई गई थी। ऐसे में काराकास में हुए हमलों को लेकर खुफिया एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आगे क्या होगा?
फिलहाल व्हाइट हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जिस तरह से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं, उससे साफ है कि अमेरिका-वेनेजुएला टकराव बेहद संवेदनशील दौर में पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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