Christmas 2025: क्रिसमस 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन का दौरा कर ईसाई समुदाय के साथ इस पावन पर्व की खुशियां मनाईं। चर्च में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में प्रधानमंत्री की सहभागिता ने धार्मिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश दिया।
क्रिसमस सुबह चर्च पहुंचे प्रधानमंत्री
क्रिसमस के दिन सुबह प्रधानमंत्री मोदी चर्च परिसर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पादरी और चर्च पदाधिकारी मौजूद थे। प्रार्थना सभा के दौरान कैरल गीत, सामूहिक प्रार्थना और आध्यात्मिक संदेशों के माध्यम से यीशु मसीह की शिक्षाओं को स्मरण किया गया। पूरे वातावरण में शांति, प्रेम और उल्लास की अनुभूति देखने को मिली।
प्रधानमंत्री के लिए हुआ आशीर्वाद समारोह
दिल्ली के बिशप रेवरेंड डॉ. पॉल स्वरूप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए विशेष प्रार्थना की। इस दौरान देश में शांति, सौहार्द, सामाजिक समरसता और समृद्धि की कामना की गई। सभा में मौजूद लोगों ने सामूहिक प्रार्थना और तालियों के जरिए समर्थन और आशीर्वाद प्रकट किया।
पीएम मोदी ने साझा कीं चर्च से तस्वीरें
प्रार्थना सभा के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर कार्यक्रम की तस्वीरें और संदेश साझा किए। उन्होंने लिखा कि क्रिसमस प्रेम, दया और शांति की भावना को और मजबूत करता है। यह पर्व समाज को जोड़ने और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।
वीडियो पोस्ट के जरिए दिया सकारात्मक संदेश
प्रधानमंत्री ने चर्च कार्यक्रम का एक संक्षिप्त वीडियो भी साझा किया, जिसमें प्रार्थना, गीत और लोगों से संवाद की झलक दिखाई दी। उन्होंने कहा कि क्रिसमस हमें सेवा, करुणा और आपसी सम्मान के मार्ग पर आगे बढ़ने की सीख देता है और नई आशा के साथ भविष्य की ओर देखने का अवसर प्रदान करता है।
देशवासियों को दी क्रिसमस की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिसमस के अवसर पर देश और दुनिया के सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यीशु मसीह का संदेश आज के समय में और भी प्रासंगिक है, जो समाज में भाईचारे, सहिष्णुता और मानवता को मजबूत करता है। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और विश्वास की कामना की।
गायन मंडली में दिखा विशेष उत्साह
प्रधानमंत्री की मौजूदगी से चर्च की गायन मंडली में खास उत्साह देखने को मिला। गायकों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पूरे सम्मान और एकाग्रता के साथ कैरल सिंगिंग सुनी। कई कलाकारों ने इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बताया और कहा कि इस अनुभव ने उनके लिए क्रिसमस को और भी खास बना दिया।
धार्मिक एकता का प्रतीक बना आयोजन
प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को भी दर्शाता नजर आया। अलग-अलग आस्थाओं के बीच आपसी सम्मान और सह-अस्तित्व का संदेश इस अवसर पर स्पष्ट रूप से सामने आया।
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