PM Modi Foreign Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने इथियोपिया दौरे के दौरान वहां की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए भारत और इथियोपिया के रिश्तों को नई ऊर्जा देने का संदेश दिया। अपने भाषण में उन्होंने दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक मूल्यों की समानता को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह भारत का गुजरात एशियाई शेरों के लिए जाना जाता है, उसी तरह इथियोपिया भी साहस और स्वाभिमान की भूमि है, जिसे शेरों की धरती कहा जाता है।
सर्वोच्च नागरिक सम्मान को बताया भारत के लिए गौरव
प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया द्वारा दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान वह व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि भारत की 1.4 अरब जनता की ओर से स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान दोनों देशों के बीच मजबूत विश्वास, मित्रता और आपसी सम्मान का प्रतीक है, जो आने वाले समय में और प्रगाढ़ होगा।
संसद को लोकतंत्र की जीवंत आत्मा बताया
अदिस अबाबा में संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संसद केवल एक इमारत नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब होती है। उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र मजबूत होता है, तो नीतियां जनता की जरूरतों से जुड़ती हैं और विकास की गति तेज हो जाती है।
प्राचीन सभ्यताओं का साझा सफर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इथियोपिया दुनिया की उन सभ्यताओं में शामिल हैं, जिन्होंने मानवता को सह-अस्तित्व, सहिष्णुता और समावेश का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की ऐतिहासिक जड़ें हमें यह सिखाती हैं कि विविधता ही ताकत है और यही सोच आज के वैश्विक दौर में बेहद जरूरी है।
युवाओं, किसानों और महिलाओं की भूमिका अहम
पीएम मोदी ने इथियोपिया के युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा और नवाचार देश को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल तकनीक और स्टार्टअप के क्षेत्र में इथियोपिया के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही किसानों और महिलाओं की भागीदारी को विकास की रीढ़ बताया।
सांस्कृतिक जुड़ाव का भावुक उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में दोनों देशों के राष्ट्रगानों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और इथियोपिया दोनों ही अपनी मातृभूमि को मां के रूप में सम्मान देते हैं। यह भावनात्मक जुड़ाव दर्शाता है कि दोनों समाज अपनी जमीन, संस्कृति और मूल्यों से कितनी गहराई से जुड़े हैं।
रिश्तों को नई ऊंचाई देने का संकल्प
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इथियोपिया के संबंध अब केवल अतीत की मित्रता तक सीमित नहीं हैं। दोनों देश व्यापार, स्वास्थ्य, रक्षा, तकनीक और विकास साझेदारी के नए रास्ते तलाश रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह संबंध अफ्रीका और एशिया के बीच सहयोग का मजबूत आधार बनेंगे।
अगले पड़ाव की ओर बढ़ते कदम
इथियोपिया में अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद वह अपनी विदेश यात्रा के अगले चरण में ओमान के लिए रवाना होंगे। यह दौरा भारत की अफ्रीका नीति को और सशक्त करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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