आदि महोत्सव का आयोजन आज से शुरू हो रहा है। इसका आयोजन दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में किया जा रहा है। इस महोत्सव का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। बता दें कि आदि महोत्सव’ का आयोजन 16 से 27 फरवरी तक किया जा रहा है। महोत्सव में लगभग एक हजार जनजातीय शिल्पकार हिस्सा लेंगे ।
गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, शिल्प, खान-पान, वाणिज्य और पारंपरिक कला को प्रदर्शित किया जाएगा। जनजातीय समुदायों की ओर से उपजाए जाने वाले श्री अन्न, इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र बिंदु होगा।
बता दें कि यह आदि महोत्सव’ जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ लिमिटेड की वार्षिक पहल है। कार्यक्रम में 200 स्टॉल के माध्यम से देशभर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध और विविधतापूर्ण धरोहर को दिखाया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 से अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष मनाया जा रहा है, जिसके साथ हस्तशिल्प, हथकरघा, मिट्टी के पात्र बनाने की कला, आभूषण कला आदि भी आकर्षण होंगे। महोत्सव में जनजातीय समुदायों द्वारा उपजाये जाने वाले श्री अन्न को केंद्र में रखा गया है।
क्या है आदि महोत्सव
आदि महोत्सव में देश के सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के 1000 से अधिक जनजातीय कारीगर और कलाकार भाग लेंगे। इसमें 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय रसोइये भी शामिल हैं, जिनके लिए 20 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। श्री अन्न यानी मोटा अनाज जनजातीय समुदायों के आहार का एक अभिन्न अंग रहा है। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने भारत सरकार के प्रस्ताव पर वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष भी घोषित किया है।

