कानपुर देहात में अतिक्रमण हटाने के दौरान झोंपड़ी में आग लगने से मां-बेटी की मौत हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर हमला कर रही है। कांग्रेस और सपा सक्रिय हो गई है। अग्निकांड के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेस और सपा प्रतिनिधि मंडल को उन्नाव पुलिस ने लखनऊ-कानपुर हाईवे पर नवाबगंज टोल प्लाजा पर रोक लिया। जिनमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी, प्रांतीय अध्यक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी और प्रांतीय अध्यक्ष नकुल दुबे शामिल हैं। साथ ही हाइवे पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स लगाई गई है।
गौरतलब है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कांग्रेस-सपा प्रतिनिधि मंडल सोहरामऊ पार करके नवाबगंज टोल प्लाजा पहुंचने वाला है, जिसके बाद भारी संख्या में हाइवे पर फोर्स तैनात कर दी गई। पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंच नवाबगंज टोल पहुंचने के पहले ही कांग्रेस-सपा प्रतिनिधि मंडल के नेताओं को रोक लिया।
प्रशासन द्वरा रोके जाने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने कहा कि सोमवार को कानपुर देहात में जो घटना घटी हैं, हम संवेदनाओं को व्यक्त करने के साथ-साथ घटना की जानकारी के लिए निकले थे कि हकीकत घटना क्या थी, लेकिन इस बैरियर पर पुलिस ने हमें रोका है। हमें यह कहकर रोका गया है कि हमें उच्चाधिकारियों के निर्देश है कि आपको यहां से ना निकलने दिया जाए। यह तो सरासर सरकार की एक तरीके की गुंडई है। हमें जो स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति मिली है, उस पर कुठाराघात है।
बता दें कि ग्राम समाज की जमीन से अवैध कब्जा हटाने पुलिस-प्रशासन की टीम कानपुर देहात के चालहा गांव पहुंची। अतिक्रमण हटाने के दौरान झोपड़ी में आग लग गई और मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई।

