Panchkula Suicide News: हरियाणा के पंचकूला में सोमवार देर रात एक कार में सात लोगों के परिवार ने जहर खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली, जिसने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। सेक्टर 27 में हुई इस दुखद घटना में परिवार के मुखिया प्रवीण मित्तल, उनकी पत्नी रीना मित्तल, बुजुर्ग माता-पिता और तीन बच्चों की जान चली गई। कार से पुलिस को दो पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें प्रवीण ने लिखा, मैं बैंक के कारण दिवालिया हो चुका हूं। मेरी वजह से यह सब हुआ। मेरे ससुर को कुछ मत कहना। अंतिम संस्कार सहित सारी रस्में मेरा ममेरे भाई निभाएगा।
उत्तराखंड के देहरादून का यह परिवार पंचकूला में किराए के मकान में रह रहा था। सोमवार को वे बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री की कथा में शामिल होने आए थे। लेकिन कथा के बाद घर लौटने के बजाय, उन्होंने सेक्टर 27 में अपनी हुंडई ऑरा कार में जहर खाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
प्रवीण मित्तल ने बताई थी कर्ज की बात
रात करीब 12 बजे, सेक्टर 27 में खड़ी कार में कुछ लोगों ने कई व्यक्तियों को देखा। पास जाने पर पता चला कि ड्राइवर सीट पर बैठे प्रवीण मित्तल जिंदा थे, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी और वे बुरी तरह कांप रहे थे। उन्होंने राहगीरों को बताया, हमने भारी कर्ज के कारण जहर खा लिया है। बाकी परिवार के लोग बेहोश पड़े थे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, और सभी को पंचकूला के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। प्रवीण को दूसरे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
आर्थिक तंगी बनी मौत की वजह
जांच में पता चला कि प्रवीण मित्तल ने देहरादून में टूर एंड ट्रैवल्स का व्यवसाय शुरू किया था, जो असफल रहा। इसके बाद परिवार कर्ज के बोझ तले दबता चला गया। रिश्तेदार संदीप अग्रवाल के अनुसार, परिवार पर करीब 15-20 करोड़ रुपये का कर्ज था। रीना मित्तल के पिता राकेश ने बताया कि कुछ महीने पहले परिवार पंचकूला के सकेतरी में शिफ्ट हुआ था। उन्होंने कहा कि कर्ज के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। संदीप ने यह भी बताया कि नौ साल पहले परिवार पंचकूला छोड़कर चला गया था, और अपनी संपत्ति, जिसमें फ्लैट, कार और बड्डी में एक फैक्ट्री शामिल थी, छोड़ दी थी। कर्जदाताओं की धमकियां परिवार को लगातार परेशान कर रही थीं।
पुलिस जांच जारी
पुलिस (Panchkula Suicide News) ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने समाज में आर्थिक तंगी और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह त्रासदी न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे समुदाय के लिए एक दुखद चेतावनी है कि समय रहते सहायता और समर्थन कितना जरूरी है।
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