Virus Alert: देश और दुनिया एक बार फिर से खतरनाक संक्रमणों की चपेट में आती दिख रही है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में पशुओं और पक्षियों से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामले जहां चिंता का कारण बन गए हैं, वहीं एशियाई देशों में कोरोना वायरस का नया वेरिएंट JN.1 वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है।
हिमाचल में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का प्रकोप
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू (ASF) के तेजी से फैलते मामलों के मद्देनजर राज्य पशुपालन विभाग ने पूरे प्रदेश में सूअरों की खरीद-फरोख्त और उनके परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल की कोलका पंचायत में एक फार्म पर 36 सूअरों की मौत और 4 को संक्रमण की रोकथाम के तहत मारे जाने के बाद लिया गया।
यह फार्म पशु औषधालय दसलेहड़ा के अंतर्गत आता है और संक्रमण फैलने की आशंका के चलते इसे पूरी तरह खाली कर दिया गया है। अब वहां सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो तीन से छह महीने तक चलेगी। इसके अलावा, भराड़ी क्षेत्र के बलोट गांव में भी दो अन्य सूअर फार्म में संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं, जहां निगरानी और सफाई का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
कानपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू को लेकर रेड अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित प्राणी उद्यान में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मृत मोर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भोपाल और बरेली से विशेषज्ञों की टीम ने चिड़ियाघर का निरीक्षण किया और बाघ, शेर, गैंडा सहित विभिन्न वन्यजीवों के मल, लार, बाल और पीने के पानी के सैंपल लिए। चिड़ियाघर की डायरेक्टर श्रद्धा यादव ने बताया कि मृत मोर और बतख के बाड़ों से मिट्टी और पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। हालांकि, रविवार को लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट बुधवार शाम तक भी नहीं आई थी, जिससे चिंता और बढ़ गई है। अधिकारियों ने 24 से 48 घंटे में रिपोर्ट आने का दावा किया था, लेकिन रिपोर्ट विलंबित है, जिससे संक्रमण की स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
कोरोना वायरस का नया वेरिएंट JN.1 बना वैश्विक चिंता का विषय
दुनिया के कई हिस्सों में एक बार फिर से कोरोना वायरस की वापसी देखने को मिल रही है। सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में कोरोना मामलों में अचानक तेज़ उछाल दर्ज किया गया है। सिंगापुर में 3 मई तक के सप्ताह में 14,200 नए केस दर्ज हुए, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 30% अधिक हैं। वहीं, हांगकांग में एक सप्ताह में ही 31 मौतें हो चुकी हैं – जो इस साल की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह उछाल कोरोना के नए वेरिएंट JN.1 के कारण हो रहा है, जो ओमिक्रॉन के BA.2.86 वेरिएंट (जिसे पिरोला भी कहा जाता है) से विकसित हुआ है। इस वेरिएंट में स्पाइक प्रोटीन में एक ऐसा म्यूटेशन है, जिससे यह तेजी से फैलने में सक्षम है और वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को भी चकमा दे सकता है। भारत में अभी स्थिति नियंत्रण में है और 19 मई तक 257 एक्टिव केस रिपोर्ट किए गए हैं। हालांकि, पड़ोसी देशों में बढ़ते मामलों को देखते हुए भारतीय स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और हालात पर निरंतर नज़र बनाए हुए है।
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