प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, उसकी नींव आज उत्तर प्रदेश के लखनऊ में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023’’ के रूप में ऱख दी गई। कहते हैं कि पूरी दुनिया इस समय भारत में अनंत विकास की संभावनाओं का सूरज देख रही है उस सूरज को चमकता सितारा बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिन रात मेहनत करने में जुटे हैं। आज उनकी मेहनत रंग भी लाई है। हमारे देश के लिए गौरव की बात ये है कि Global इन्वेस्टर्स समिट में नीदरलैंड, डेनमार्क, सिंगापुर, यूनाइटेड किंगडम और मॉरीशस जैसे देश पार्टनर कंट्री के रूप में सहभागिता करने को तैयार हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आइए आपको बताते हैं कि इस कार्यक्रम में देश के बड़े बड़े उघोगपतियों ने क्या-क्या कहा मुकेश अंबानी इस महत्पूर्ण समिट में शामिल हुए और उनहोंने जो कहा वो शायद यूपी वासियों के लिए गौरव की बात है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार और ईज आफ डूइंग बिजनेस में सुधार के कारण यूपी नए भारत के लिए आशा का केंद्र बन गया है। इतना ही नहीं वो यहीं नहीं रूके बल्कि उन्होंने ये भी कहा कि प्रदेश के विकास के लिए उद्योग और सहयोग दोनों की आवश्यकता है जिसे यूपी पूरा कर रहा है।
आदित्य बिरला ग्रुप के प्रमुख भी हुए शामिल
इस कार्यक्रम की खास बात ये रही कि देश के सभी नामी उघोगपतियों ने कार्यक्रम में शिरकत की और राजनीति से परे देशहित में लखनऊ में पधारे सभी आगंतुकों को संबोधित भी किया।
आदित्य बिरला ग्रुप के प्रमुख कुमार मंगलम बिरला ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ के पुल बांधते हुए कहा कि सरकार ने ईज आफ डूइंग बिजनेस को लेकर कई शानदार कदम उठाए हैं जिसके कारण यह निवेशकों के लिए आकर्षक प्रदेश बन गया है। उन्होंने उद्योगपतियों ने प्रदेश में निवेश की अपील की है। ये तो रही देश की बात लेकिन विदेश से पधारे से पधारे मेहमान भी योगी की कार्यशैली के हुए मुरीद
ज्यूरिख एयरपोर्ट आफ एशिया के सीईओ डेनियल बर्चर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास के मुख्य वाहक बन गए हैं। उनके सहयोग से ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आकार ले पा रहा है। प्रोजेक्ट के विकास के लिए हमें भूमि अधिग्रहण में आसानी हुई। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रदेश के विकास के लिए नई संभावनाएं खोलेगा।
अब ये तो आने वाला समय बताएगा कि उत्तरप्रदेश कैसे बनेगा उत्तमप्रदेश हालांकि इस समीट को अगर सियासी चशमा उतार के देखेंगे तो अपार विकास और रोजगार का सूचक दिखाई देता है, लेकिन इसके इतर सियासत के खिलाड़ी इसमें भी राजनीतिक रंग घोलने का प्रयास करेंगे

