Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट आज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने और एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगा। यह याचिका वकील मैथ्यूज जे नेदुम्परा और तीन अन्य द्वारा दायर की गई है, जिन्होंने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ करेंगे।
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने इस याचिका का उल्लेख किए जाने के बाद तत्काल सुनवाई से मना कर दिया था। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर विचार करने के लिए आज सुनवाई निर्धारित की है।
याचिका में 1991 के एक महत्वपूर्ण फैसले को भी चुनौती दी गई है, जिसमें शीर्ष अदालत ने यह निर्णय दिया था कि भारत के मुख्य न्यायाधीश की पूर्व अनुमति के बिना उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। इस फैसले को चुनौती देते हुए, याचिका में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आग्रह किया गया है।
नकदी बरामदगी के मामले पर जस्टिस वर्मा का बयान
विवाद (Supreme Court) के बीच सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वापस भेजने की सिफारिश की। सीजेआई के निर्देश के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्हें पहले ही अहम वैधानिक फैसलों से अलग कर दिया था। पूरे घटनाक्रम पर जस्टिस वर्मा ने केवल इतना कहा है कि नकदी बरामद होने के आरोप निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा स्टोररूम में कभी भी कोई नकदी नहीं रखी गई।
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