Delhi : दिल्ली के दक्षिण पश्चिम जिले में एंटी स्नैचिंग सेल की टीम ने एक बड़े ठगी के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह ठगी नकली सोना बेचने के आरोप में की गई थी, जिसमें कारोबारी से 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1.70 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं, और अब ठग गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, ठगी के आरोपी की पहचान 59 वर्षीय मोहन राय के रूप में हुई है, जो उत्तम नगर के संजय एन्क्लेव का निवासी है। मोहन राय को एंटी स्नैचिंग सेल की टीम ने 3 मार्च को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अन्य गिरोह सदस्यों के नाम का खुलासा किया, जिनमें एक महिला सदस्य लक्ष्मी भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, मोहन राय और उसके गिरोह ने पहले भी ऐसी धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दिया है।
धोखाधड़ी की वारदात
यह मामला 20 नवंबर को शुरू हुआ, जब हार्डवेयर दुकानदार रमेश शर्मा ने गौरव सोनी नामक कारोबारी से संपर्क किया। रमेश ने गौरव को दो सुनहरे रंग के मोती दिखाए और दावा किया कि ये सोने से बने हैं। सोने की शुद्धता की जांच में यह मोती 78 प्रतिशत सोने के थे। ठग गिरोह के सदस्यों ने गौरव को यह जानकारी दी कि मथुरा में खुदाई से मिला सोना बेचने के लिए वह उसे उपलब्ध करा रहे हैं।
26 नवंबर को, गौरव और रमेश ने ठगों से मुलाकात की, और 2 किलो वजन का एक रानी हार सेट दिखाया गया। दोनों पक्षों के बीच सौदा 80 लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें गौरव ने 30 लाख रुपये तत्काल दिए और बाकी राशि हार की शुद्धता की जांच के बाद देने का निर्णय लिया। जब हार की जांच की गई, तो यह पूरी तरह से नकली निकला। इसके बाद, गौरव और रमेश ने ठगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनके फोन स्विच ऑफ मिल रहे थे।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
धोखाधड़ी की शिकायत थाना पालम विलेज में दर्ज की गई, लेकिन शुरुआती जांच में कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद, मामला एंटी स्नैचिंग सेल को ट्रांसफर कर दिया गया। एसआई कमल कांत की टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 100 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली, जिसके बाद आखिरकार 3 मार्च को मोहन राय को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान, मोहन राय ने बताया कि इस ठगी में उसे 9.5 लाख रुपये मिले थे। गौरव सोनी ने अदालत में मोहन राय की पहचान भी कर ली है। पुलिस ने मोहन राय के पास से 1.70 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों, बाबूलाल और लक्ष्मी, की तलाश में जुटी हुई है।
ठगी के गिरोह के अन्य मामले
पुलिस (Delhi) ने बताया कि यह गिरोह पहले भी ऐसी ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है, और अब उनकी जांच के दायरे में अन्य घटनाएं भी आ सकती हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पूरी कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के बाकी सदस्यों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि और भी पीड़ितों को न्याय मिल सके।
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