Noida News: नोएडा पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिकों के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में शुक्रवार को दो भाइयों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी सोना कम्युनिकेशन नामक जनसुविधा केंद्र के संचालक हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
11 बांग्लादेशी नागरिक एक कमरे में रह रहे थे
सलारपुर गांव में 11 बांग्लादेशी नागरिक एक ही कमरे में रह रहे थे। बुधवार रात को भंगेल इलाके में पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, इसी दौरान तीन लोग छिपते हुए जाते दिखे। पुलिस को देखकर वे भागने लगे और सलारपुर गांव में सुमित भाटी के घर की छत पर चढ़ गए।
घरवालों और किरायेदारों को आहट हुई तो उन्होंने तीनों को घेर लिया। खुद को फंसता देख तीनों छत से कूद गए और घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सद्दाम हुसैन, सुजन और राजरहुल बराबर के रूप में हुई।
आठ और साथी भी पकड़े गए, फर्जी दस्तावेज बरामद
तीनों से पूछताछ के दौरान पता चला कि वे बांग्लादेश के रहने वाले हैं और अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। उन्होंने बताया कि उनके आठ और साथी गांव सलारपुर में रह रहे हैं। पुलिस ने गुरुवार को छापेमारी कर इन सभी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद फखरुद्दीन उर्फ रोनी, रिहान, मोहम्मद मौमीन, मोहम्मद कामरूल, मोहम्मद कय्यूम उर्फ रिपोन, रविउल इस्लाम, राशिल और सोहेल राणा के रूप में हुई। उनके पास से छह फर्जी आधार कार्ड और एक फर्जी पैन कार्ड बरामद किया गया।
बिहार के रहने वाले दो भाइयों ने बनाए थे फर्जी आधार कार्ड
पुलिस जांच में पता चला कि सभी आरोपी इन फर्जी आधार कार्डों के जरिए यहां रह रहे थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बांग्लादेश के नागरिकों के लिए ये फर्जी आधार कार्ड सलारपुर में रहने वाले रोशन और नितेश नामक दो भाइयों ने अपने जनसुविधा केंद्र पर बनाए थे। पुलिस ने शुक्रवार को इन दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं।
नोएडा पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन पहचान‘
नोएडा पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन पहचान’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत किरायेदारों और अस्थायी निवासियों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया गया तो मकान मालिक और किरायेदार दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

