Delhi Politics: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में अब बीजेपी की सरकार बनने की संभावना प्रबल हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) को एक और बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उसके तीन और पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम लिया है। इस बदलाव के साथ ही एमसीडी का नंबर गेम पूरी तरह पलट चुका है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने तीनों पार्षदों—एंड्रयूज गंज से अनीता बसोया, आरके पुरम से धर्मवीर और वार्ड 152 से निखिल—को पार्टी की सदस्यता दिलवाई।
एमसीडी का नंबर गेम: कौन आगे, कौन पीछे?
दिल्ली नगर निगम में कुल 250 पार्षदों की सीटें हैं, जिनमें से 11 पार्षद सांसद या विधायक बन चुके हैं। इस कारण अब निर्वाचित पार्षदों की संख्या घटकर 239 रह गई है। इनमें 119 पार्षद आम आदमी पार्टी के थे, जबकि बीजेपी के पास 113 सीटें थीं। कांग्रेस के पास 7 पार्षद थे।
तीन और पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद आप की संख्या 116 पर आ गई है, जिससे दोनों पार्टियों के बीच का अंतर केवल 3 सीटों का रह गया है। इससे बीजेपी की एमसीडी में सरकार बनाने की राह आसान होती दिख रही है।
आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका
इस घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हाल ही में दिल्ली विधानसभा चुनावों में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जहां बीजेपी ने 48 सीटें जीती थीं और आप सिर्फ 22 सीटों पर सिमट गई थी।

