Delhi News: दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट ने मेट्रो ट्रैक से कीमती कॉपर केबल चोरी करने वाले कुख्यात गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के तीन सदस्य – गोविंद कुमार उर्फ ‘स्पाइडरमैन’ (24), सुशील कुमार (29) और आस मोहम्मद (29) को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी लंबे समय से मेट्रो ट्रैक से कॉपर केबल चोरी कर रहे थे और कई वारदातों को अंजाम दे चुके थे।
शिकायत के बाद सक्रिय हुई पुलिस
DCP मेट्रो दिल्ली हरेश्वर वी. स्वामी के अनुसार, 3 फरवरी को मजलिस पार्क और आज़ादपुर मेट्रो स्टेशन के बीच कॉपर केबल चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। चोरी की इस घटना के कारण मेट्रो संचालन में बाधा आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आज़ादपुर मेट्रो पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद, इसी तरह की दो और घटनाएं सामने आईं, जिससे मेट्रो सेवाओं में और भी दिक्कतें बढ़ गईं।
तकनीकी जांच से चोरों तक पहुंची पुलिस
दिल्ली पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। टीम ने आधुनिक तकनीकों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि चोर मलबे के ढेर का सहारा लेकर मेट्रो ट्रैक तक पहुंचते थे और कांटेदार तार काटकर कॉपर केबल चोरी कर लेते थे। फिर, चोरी किए गए केबल को बोलेरो पिकअप वाहन (DL-1L-AM-0712) में भरकर ठिकाने लगाया जाता था।
छापेमारी में आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने छापेमारी कर गोविंद कुमार उर्फ ‘स्पाइडरमैन’ और सुशील कुमार को गिरफ्तार किया और उनके पास से 85 मीटर चोरी की गई कॉपर केबल बरामद हुई। सुशील की निशानदेही पर तीसरे आरोपी आस मोहम्मद को ओखला स्थित उसके घर से पकड़ा गया, जहां से 10 मीटर कॉपर केबल मिली।
नशे की लत ने बनाया अपराधी
जांच में पता चला कि तीनों आरोपी अनपढ़ हैं और नशे के आदी हैं। वे दिल्ली में किराए के मकानों में अपने परिवारों के साथ रहते थे और कॉपर केबल चोरी को अपनी आमदनी का जरिया बना रखा था। पूछताछ में उन्होंने द्वारका मेट्रो स्टेशन के पास भी चोरी करने की बात कबूल की।
गिरोह पर पांच केस दर्ज
DCP ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ कुल पांच मामलों का खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (BNS) और दिल्ली मेट्रो रेल अधिनियम 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

