तुर्की और सीरया में सोमवार को आए भूकंप से दोनों मुल्कों में अफरा तफरी मची हुई है । जैसे जैसे समय बढ़ता जा रहा है वैसे वैसे मौत का आंकड़ा भी बढ़ता नजर आ रहा है। जानकारी के लिए बता दें कि इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी (WHO) का दावा सामने आया है, जिसमें कहा गया है कि तुर्की में भूकंप की वजह से मरने वालों की संख्या 8 गुना होने की पूरी संभावना है।
अब तक मिली जानकारी के हिसाब से बचावकर्मी ठंड और बर्फीली परिस्थितियों में मलबे के पहाड़ों के बीच जीवित बचे लोगों को खोजने के लिए तलाशी अभियान चला रहे हैं। इतना ही नहीं इस आपदा से हजारों लोग लापता हैं और हजारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हॉस्पिटलों में घायलों का इलाज तो चल रहा है लेकिन हॉस्पिटल भी फुल चल रहे हैं, जिसकी वजह से सभी पीड़ितों को एडमिट भी नहीं किया जा सका है।
भूकंप की क्या है पूरी जानकारी?
तुर्की और सीरिया में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.8 थी। भूकंप के भयानक रूप का अंदाजा इस इस बात से लगाया जा सकता है कि कई बड़ी इमारतें तो ताश के पत्तों की तरह बिखर गईं और हजारों लोग मौत के गाल में समा गए।
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के हिसाब से तुर्की प्रशासन का एक बयान सामने आया है, जिसमें मालूम हुआ है कि 5 हजार से ज्यादा इमारतों को इस भूकंप की वजह से नुकसान पहुंचा है।
भूकंप से कहां हुईं सबसे ज्यादा मौतें
अगर भूकंप की वजह से मौतों के मामलों की चर्चा करें तो चीन के शांक्सी में आया भूकंप सबसे ज्यादा भयानक और लोगों के लिए दर्दनाक था। ये भयानक भूकंप 23 जनवरी को साल 1556 में आया था। इसमें करीब 8 लाख 30 हजार लोगों के मरने की खबर सामने आई थी। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8 थी। भूकंप सुबह के वक्त जल्दी ही आया था और उस समय लोग अपने घरों में सो रहे थे। इसलिए इस भूकंप की वजह से लाखों लोगों की मौत सोते समय ही हुई थी। इसे चीनी इतिहास में सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जाता है।
वहीं अगर रिक्टर पैमाने पर सबसे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप की बात करें तो यह चिली में आया था। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के हिसाब से अब तक सबसे ज्यादा तीव्रता का भूकंप चिली के वाल्डीविया में आया था। यहां भूकंप की रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 9.5 थी। इस भूकंप की वजह से 1655 लोगों की मौत हुई थी और 3 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

