Ghaziabad: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के प्रवर्तन दस्ते ने मसूरी क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा कर विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को जमींदोज कर दिया। इस दौरान निजी डेवलपर्स और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। हालांकि, जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से प्रवर्तन दस्ते ने यह अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया।
इस कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे कुछ लोगों को पुलिस ने बलपूर्वक खदेड़ा। बताया जा रहा है कि विरोध करने वालों में कुछ राजनीतिक व्यक्ति भी शामिल थे।
मसूरी गांव की सरकारी जमीन मुक्त कराई
जीडीए के प्रवर्तन दस्ते ने मसूरी गांव के खसरा संख्या-387 और 389 पर स्थित 5100 वर्गमीटर जमीन पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया। सरकारी जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी बसाने वाले डेवलपर्स को जीडीए की टीम ने कड़ी चेतावनी दी। इस दौरान मौके पर कुछ राजनीतिक लोगों ने आपत्ति जताई, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट कर सभी को शांत कर दिया।
भगवती इंस्टीट्यूट के पास भी की गई कार्रवाई
प्रवर्तन दस्ते ने भगवती इंस्टीट्यूट के पीछे खसरा संख्या-651, 652, 653 और 654 पर अवैध रूप से विकसित की जा रही 10,000 वर्गमीटर जमीन पर कॉलोनी को तोड़ दिया। यहां बाउंड्रीवाल, सड़क और साइट ऑफिस को गिरा दिया गया। यह जगह पहले भी जीडीए की कार्रवाई की जद में आ चुकी है, लेकिन पुनः निर्माण किया जा रहा था।
सिद्धार्थ विहार के समीप भी कार्रवाई
जीडीए ने सिद्धार्थ विहार योजना के समीप खसरा संख्या-655 पर बनी 10,000 वर्गमीटर जमीन पर अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से अपील की कि अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें। साथ ही, जीडीए के सचिव राजेश कुमार सिंह ने डेवलपर्स को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण न करने की चेतावनी दी।
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मानचित्र स्वीकृति के बाद ही निर्माण करें
जीडीए के सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा, “कोई भी निर्माण कार्य जीडीए से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना न करें। प्राधिकरण अवैध निर्माणों पर लगातार नजर रख रहा है, और किसी भी हाल में इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से बचने के लिए पहले स्वीकृत मानचित्र प्राप्त करें और उसके अनुसार निर्माण करें।”

