Greater Noida: ग्रेटर नोएडा गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी उठाने के बाद मुआवजा नहीं देने और किसानों को धमकाने के आरोप में ठेकेदार मुशाहिद चौधरी और अमजद समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला नोएडा के मंगरौला गांव का है, जहां किसानों ने आरोप लगाया कि ठेकेदारों ने मुआवजा देने का वादा कर उनकी जमीन से मिट्टी उठवाई, लेकिन वादा पूरा नहीं किया।
किसानों को कैसे फंसाया गया?
गांव निवासी वीर सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए मिट्टी डालने के उद्देश्य से ठेकेदार मुशाहिद चौधरी और अमजद ने कई किसानों से संपर्क किया था। किसानों से कहा गया कि खेत से मिट्टी उठाने पर प्रति बीघा ₹6,000 का मुआवजा दिया जाएगा और खेत को समतल भी किया जाएगा। इस प्रलोभन में आकर कई किसानों ने अपनी जमीन से मिट्टी उठवाने की अनुमति दी।
मुआवजा न मिलने से किसानों में नाराजगी
वीर सिंह और रुखालू गांव के विजेंद्र गुर्जर सहित कई किसानों ने मुआवजे की उम्मीद में अपने खेतों से मिट्टी उठवा दी। लेकिन, वीर सिंह का कहना है कि उसे अब तक ₹56,800 का मुआवजा नहीं दिया गया।
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कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
वीर सिंह ने अपनी शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई थी। हालांकि, स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर मामला कोर्ट पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर ठेकेदार मुशाहिद चौधरी, अमजद, हलका दरोगा शिव सिंह, सिपाही सोनू सिंह और पंकज कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
किसानों की मांग
किसानों ने मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई और बकाया मुआवजे के भुगतान की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही मुआवजा नहीं दिया गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

