Ghaziabad: साइबर अपराधों पर नजर रखने के लिए बने गाजियाबाद के साइबर थाने ने नए साल के पहले दिन एक अनूठा रिकॉर्ड दर्ज किया है। एक जनवरी, 2025 को इस थाने में एक ही दिन में सबसे ज्यादा सात मुकदमे दर्ज किए गए, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। 28 फरवरी, 2024 को स्थापित इस थाने के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतने मामले एक ही दिन में सामने आए हों।
इन मुकदमों में तीन मामले शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी के हैं, जबकि चार मामले टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने के नाम पर साइबर धोखाधड़ी के हैं। इन सातों मामलों में कुल 1.22 करोड़ रुपये की ठगी की गई है।
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, लाखों रुपये हड़पे
शालीमार गार्डन निवासी अक्षय प्रसाद ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग की ट्रेनिंग के नाम पर फंसाया गया। इस दौरान वॉलेट में रकम बढ़ती हुई दिखाई गई और अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया गया। लेकिन जब रकम निकालने का प्रयास किया गया तो कोई सफलता नहीं मिली। इस धोखाधड़ी में अक्षय से 48.33 लाख रुपये ठगे गए।
इसी प्रकार, क्रॉसिंग रिपब्लिक की पेरामाउंट सिंफनी सोसायटी निवासी मुमताज को भी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर शेयर ट्रेडिंग के नाम पर फंसाया गया। मुमताज से 30.25 लाख रुपये की ठगी हुई। मुमताज ने बताया कि वॉलेट में रकम बढ़ती हुई दिखाई गई, लेकिन उसे निकालने के लिए और पैसे जमा करने को कहा गया। नेहरू नगर निवासी निशांत से भी शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की ठगी हुई।
टेलीग्राम टास्क के नाम पर साइबर ठगी
नए साल के पहले दिन साइबर थाने में पहुंचे चार पीड़ितों ने बताया कि उन्हें टेलीग्राम पर टास्क पूरा करने के नाम पर ठगा गया। विश्वासनगर निवासी अनुज त्यागी से 8.63 लाख रुपये, इंदिरापुरम के साया गोल्ड सोसायटी निवासी रचित गोयल से 14.13 लाख रुपये, शालीमार गार्डन निवासी कृष्णनन नायर से 6.18 लाख रुपये, और राजनगर एक्सटेंशन निवासी अमित शर्मा से 5.22 लाख रुपये की ठगी हुई। इन सभी मामलों में पीड़ितों को टास्क पूरा करने के बहाने रकम जमा करने के लिए प्रेरित किया गया।
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पुलिस ने शुरू की जांच
एडीसीपी (क्राइम) सच्चिदानंद ने बताया कि सभी मामलों में मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। ठगी गई रकम को फ्रीज करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इन मामलों में शामिल साइबर अपराधियों का पता लगाने के लिए विशेष टीम बनाई गई है।

