Noida: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) को CGST नोएडा कार्यालय ने एक चौर्ल 1.37 करोड़ की टैक्स जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना वित्त वर्ष 2017-18 से 2020-21 की अवधि के लिए लगाया गया है।
इन कारणों से लगा जुर्माना
जॉइंट कमिश्नर CGST नोएडा, मेरठ द्वारा जारी किये गए आदेश में कंपनी की ऑउटपुट सेवाओं पर टैक्स की मांग की गई है। यह कार्रवाई CGST अधिनियम 2017 की धारा 74(1) के तेहत की गई है, जिसका मुख्य घोषित धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत बयानी या तथ्य को छिपाने के कारण भुगतान न किए गए टैक्सों की वसूली है।
टीसीएस ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी में कहा है कि वह इस आदेश के खिलाप एक न्यायी प्राधिकरी के समक्ष अपील करने की योजना बना रही है। यह खुलासा सेबी के लिस्टिंग नियमों के तेहत किया गया है।
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जुर्माने के खिलाफ अपील
यह पहली बार नहीं है कि टीसीएस पर इस प्रकार का जुर्माना लगा है। इससे पहले 3 दिसम्बर को कंपनी को उत्तर प्रदेश वैट अधिनियम, 2008 के तहत । 11.04 लाख का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया था। यह जुर्माना वित्त वर्ष 2015-16 के लिए इनपुट वैट की अस्वीकृति के कारण लगाया गया था। टैक्स विशेषकों का कहना है कि बड़ी कंपनियों के लिए यह आम बात है कि वे टैक्स विभाग द्वारा लगाए जुर्माने के खिलाफ अपील करती हैं।

