Delhi: कांग्रेस पार्टी द्वारा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जाने के बाद, मंगलवार (24 दिसंबर 2024) को चुनाव आयोग ने कांग्रेस को जवाब दिया है। आयोग ने कहा कि महाराष्ट्र की हर विधानसभा सीट के लिए मतदाताओं से संबंधित डेटा और फॉर्म 20 आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं, जिन्हें आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।
वोटर लिस्ट से नाम काटने का मामला
कांग्रेस ने महाराष्ट्र चुनाव की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम काटे जाने का आरोप लगाया था। पार्टी ने दावा किया था कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच कुल 80,391 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जो औसतन प्रति विधानसभा क्षेत्र 2,779 नामों की कमी दर्शाता है।
चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण
इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि जिन नामों को हटाया गया है, उनके लिए तय प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया। आयोग ने बताया कि नोटिस जारी करने के साथ-साथ फील्ड सर्वे भी किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, वे अपने पते से स्थानांतरित हो गए हैं, या अब उस पते पर नहीं रहते। इसके बाद ही इन नामों को वोटर लिस्ट से हटाया गया।
चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी
चुनाव आयोग ने कांग्रेस को जवाब में यह भी कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। आयोग ने करीब 60 ऐसे उदाहरण दिए, जो राजनीतिक दलों की भूमिका और उनकी भागीदारी को रेखांकित करते हैं।
कांग्रेस ने उठाए थे कई सवाल
कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में चुनाव आयोग से मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल वरिष्ठ वकील और सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया था कि पार्टी द्वारा मांगे गए कई आंकड़े अब तक नहीं दिए गए हैं।
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चुनाव आयोग ने इन शिकायतों पर विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि आयोग का उद्देश्य पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना है। साथ ही, सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर प्रदान करना भारतीय चुनावी प्रक्रिया का एक प्रमुख स्तंभ है।

