Parliament Session : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश के गांव-गांव में बाबा साहेब को पूजने वाले लोग हैं। सरकार को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए और विवादित शब्द वापस लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि माफी मांगने वाला व्यक्ति बड़ा होता है और इस विवाद को लोकसभा के स्पीकर के पास सुलझाना चाहिए था।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी का एक सोचा-समझा मॉडल है। वे पहले असंवैधानिक और गैरकानूनी काम करते हैं और फिर विरोध करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करवाते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर न केवल समाजवादियों बल्कि सभी समाज के लिए पूजनीय हैं। गांव-गांव में लोग बाबा साहेब को भगवान की दृष्टि से देखते हैं। इस तरह की भाषा का प्रयोग करना गलत है और गृहमंत्री अमित शाह को माफी मांगनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि माफी मांगने वाला बड़ा होता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि कलियुग के शुरू होने पर भी उन्होंने अंतिम समय में तीर लगने पर माफ करने की बात कही थी। जिनके बयान से बाबा साहेब का अपमान हुआ, उसे वापस लिया जाना चाहिए।
राहुल गांधी पर एफआईआर के मामले में उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने स्पीकर से मुलाकात की थी। संसद परिसर में स्पीकर का अधिकार सर्वोच्च होता है। लेकिन बीजेपी के लोग अब स्पीकर के निर्णय से भी आगे बढ़कर कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद के भीतर ही बैठकर इस मुद्दे को सुलझाया जा सकता था।

