Noida News: विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान जेल गए किसान नेताओं की रिहाई को लेकर नोएडा में किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में करीब 300 किसान मुजफ्फरनगर के सिसौली पहुंचे। वहां उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू-टिकैत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत को गौतमबुद्ध नगर में किसानों की समस्याओं से अवगत कराया। बैठक के दौरान किसान नेताओं ने आंदोलन के बाद की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने घोषणा की कि आंदोलन को लेकर 23 दिसंबर को कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा, जिससे सरकार और प्रशासन पर दबाव बढ़ सकता है।
23 दिसंबर को महापंचायत में होगा बड़ा फैसला
बैठक के दौरान नरेश टिकैत ने नोएडा के किसानों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रशासन के पास 22 दिसंबर तक का समय है। अगर इस समय सीमा के भीतर आंदोलन के दौरान जेल गए किसानों को बिना शर्त रिहा नहीं किया गया तो 23 दिसंबर को सिसौली में होने वाली महापंचायत में बड़ा फैसला लिया जाएगा। टिकैत ने किसानों के मुद्दों पर तत्काल बातचीत की जरूरत पर भी जोर दिया और चेतावनी दी कि इस समय सीमा के बाद आंदोलन के नतीजों के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
129 किसान अभी भी जेल में
नोएडा के किसान लंबे समय से भूमि अधिग्रहण और अन्य मामलों से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। नवंबर में किसानों ने इन मुद्दों को लेकर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी पर बड़े पैमाने पर धरना शुरू किया था, जो बाद में दिल्ली कूच के साथ बढ़ गया। आंदोलन के दौरान 136 किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से 129 अभी भी जेल में हैं। किसान संगठनों का कहना है कि जेल में बंद किसानों की रिहाई और उनकी मांगों पर विचार किए जाने पर ही स्थिति सामान्य हो सकती है।

