Noida News: आय से अधिक संपत्ति मामले में नोएडा विकास प्राधिकरण के तत्कालीन ओएसडी रविंद्र सिंह यादव के खिलाफ विजिलेंस जांच के दौरान शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ। विजिलेंस टीम ने नोएडा स्थित उनके आवास और इटावा स्थित एक स्कूल पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई अहम दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े साक्ष्य जब्त किए गए।
आय से अधिक संपत्ति का मामला
विजिलेंस जांच में पता चला है कि रविंद्र सिंह यादव ने 1 जनवरी 2005 से 31 दिसंबर 2018 के बीच 94.49 लाख रुपये की वैध आय अर्जित की। हालांकि, इसी अवधि के दौरान उन्होंने 2.44 करोड़ रुपये खर्च किए। इसका मतलब है कि उनका खर्च उनकी आय से करीब 1.5 करोड़ रुपये अधिक था। विजिलेंस टीम के मुताबिक, यादव इस अतिरिक्त संपत्ति के स्रोत के बारे में कोई वैध स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
नोएडा और इटावा में छापेमारी
18 सदस्यीय सतर्कता दल ने शनिवार को नोएडा के सेक्टर-47 में यादव के तीन मंजिला आवास और इटावा के तलोरा नगर स्थित एक स्कूल पर छापेमारी की।
नोएडा स्थित आवास का अनुमानित बाजार मूल्य ₹16 करोड़ है।
इटावा में स्कूल परिसर का वर्तमान मूल्य, इसके तकनीकी उपकरणों और अन्य संसाधनों सहित, लगभग ₹15 करोड़ है, जिसमें अकेले तकनीकी उपकरणों की कीमत ₹2 करोड़ है।
स्कूल और संपत्ति में अनियमितताएं
जांच में पता चला कि इटावा में स्कूल का प्रबंधन यादव के बेटे द्वारा किया जाता है। स्कूल पूरी तरह से अवैध रूप से बनाया गया पाया गया और बिना किसी वैध अनुमोदन के संचालित किया जा रहा था।
स्कूल में 10 बसों का उपयोग किया जाता है, जिनकी अनुमानित कीमत ₹1.04 करोड़ है।
इसके अलावा, यादव ने मेरठ और नोएडा में एक दर्जन से अधिक प्लॉट खरीदे हैं, जिनकी भी जांच चल रही है।
सतर्कता रिपोर्ट के निष्कर्ष
सतर्कता टीम ने आगे खुलासा किया कि नोएडा विकास प्राधिकरण में अपने कार्यकाल के दौरान यादव ने भूमि आवंटन में सरकारी नियमों का उल्लंघन किया और कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी। 2007 में ओएसडी के रूप में, उन्होंने कथित तौर पर नियमों को दरकिनार करके आईटी और आवास परियोजनाओं में निजी कंपनियों का पक्ष लिया।
कार्रवाई और भविष्य की कार्यवाही
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक के निर्देशन में सतर्कता अभियान चलाया गया। सभी जब्त दस्तावेजों और संपत्ति के रिकॉर्ड को विस्तृत जांच में शामिल किया जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई: विभागीय जांच के आधार पर, यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1) (बी) और 13 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जारी जांच: जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी गई है, और कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाई गई है।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भ्रष्टाचार के लिए सरकारी पदों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

