Delhi: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और देश की राजनीति के दिग्गज शख्सियत लालकृष्ण आडवाणी की तबीयत एक बार फिर से बिगड़ने के कारण उन्हें आज (14 दिसंबर) को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है, और डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। कुछ ही देर में अस्पताल द्वारा आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी किए जाने की संभावना है।
पिछले कुछ महीनों में कई बार बिगड़ी तबीयत
लालकृष्ण आडवाणी 97 वर्ष के हैं और पिछले कुछ महीनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इससे पहले अगस्त 2024 में भी उन्हें स्वास्थ्य बिगड़ने के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उनकी तबीयत बार-बार खराब हो रही है।
स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के बावजूद मिला भारत रत्न
लालकृष्ण आडवाणी को इस साल देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया। हालांकि, स्वास्थ्य समस्याओं के चलते वे राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में हिस्सा नहीं ले सके। उन्हें यह सम्मान उनके आवास पर ही प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी थी जन्मदिन की बधाई
आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके आवास पर पहुंचे और गुलदस्ता देकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें वे आडवाणी को गुलदस्ता भेंट करते हुए दिखाई दे रहे थे। पीएम मोदी ने लिखा था, “आडवाणी जी के निवास पर जाकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।”
राजनीतिक करियर में स्थापित किए कई मील के पत्थर
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को वर्तमान पाकिस्तान के कराची में हुआ था। वे 1942 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े और इसके बाद राजनीति में कदम रखा। वे 1986 से 1990 तक, फिर 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। वे पार्टी के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष पद पर रहने वाले नेता हैं।
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वे गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री जैसे अहम पदों पर रहे। 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन को गति देने में उनकी प्रमुख भूमिका रही, जिसे बीजेपी के उभार का अहम कारण माना जाता है।
ये भी पढें..
स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ीं
आडवाणी की तबीयत को लेकर पार्टी और उनके समर्थकों में चिंता का माहौल है। उम्र के इस पड़ाव पर उनकी लगातार बिगड़ती तबीयत ने परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान कर रखा है। उनकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

