Lucknow News : राजधानी लखनऊ में मंगलवार को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और दिव्यांग व्यक्तियों की प्रतिभा को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य स्तरीय पुरस्कारों का वितरण किया और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए मधुर गीत ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि इन बच्चों का अनुशासित व्यवहार और उनकी प्रस्तुति यह साबित करती है कि जब कोई अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से काम करता है, तो उसका परिणाम उसकी काबिलियत को स्वतः उजागर करता है।
सीएम योगी ने दिया राज्य स्तरीय पुरस्कार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने (Lucknow News) कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने कहा, आज का दिन राष्ट्रीय अधिवक्ता दिवस भी है और हमारे पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती भी है। वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और संविधान सभा के अध्यक्ष थे। सीएम ने दिव्यांगता को शारीरिक कम मानसिक स्थिति के रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि समाज में ऐसे कई उदाहरण हैं जिन्होंने अपनी कठिनाइयों को पार कर दुनिया को अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
उन्होंने ऋषि अष्टावक्र और सूरदास का उदाहरण देते हुए कहा, क्या श्री कृष्ण कथा इनके बिना पूरी हो सकती है? ऐसे कई उदाहरण हैं जिनमें लोगों ने समाज से प्रोत्साहन और संबल लेकर अपनी क्षमता को साबित किया और मानवता तथा देश को लाभ पहुंचाया।
सीएम योगी ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में अब दो दिव्यांग विश्वविद्यालय हैं और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग कॉलेजों का संचालन भी हो रहा है। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि इन कॉलेजों की संख्या को और बढ़ाने की आवश्यकता है और शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं तथा मानदेय मिलना चाहिए।
राज्य शिक्षक पुरस्कार से किया सम्मानित
कार्यक्रम में 21 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 46 विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इन विद्यार्थियों ने 90-95 फीसदी अंक प्राप्त किए थे और कुछ नया कर दिखाया था।
सीएम ने आगे कहा, यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे राज्य में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कई सुविधाएं और अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, और हम निरंतर इन्हें बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दिव्यांग समुदाय के योगदान और उनकी सफलता की सराहना करते हुए यह संदेश दिया कि समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर मिलना चाहिए और उनकी प्रतिभा को पहचानने की आवश्यकता है।

