CM Yogi : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग और मानकों के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार की देर शाम शासन ने एक अधीक्षण अभियंता, दो अधिशासी अभियंता, चार सहायक अभियंता और सात अवर अभियंता को निलंबित कर दिया। यह कदम प्रदेश में सड़कों की गुणवत्ता की जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।
हरदोई जिले की सड़कों पर जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) के निर्देश पर प्रदेश में बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता की जांच शुरू की गई थी। इसके तहत पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान और विभागाध्यक्ष योगेश पवार के नेतृत्व में एक टीम हरदोई जिले में भेजी गई थी। टीम ने वहां के चार प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया और निर्माण सामग्री के नमूने भी लिए। जांच के दौरान यह पाया गया कि निर्माण सामग्री में कमियां थीं, जैसे कि तारकोल की मात्रा कम होना और बिटुमिन तथा अन्य सामग्रियों में गुणवत्ता की कमी। इन सबके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
16 अभियंता निलंबित
जांच में दोषी पाए गए अभियंताओं के खिलाफ शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश के तहत तत्कालीन अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र, अधिशासी अभियंता सुमंत कुमार और शरद कुमार मिश्रा, सहायक अभियंता रीतेश कटियार, कृष्णकांत मिश्रा, संतोष कुमार पांडेय, जीएन सिंह और राजवीर सिंह, तथा अवर अभियंता मोहम्मद शोएब, राजीव कुमार, अमर सिंह, रुचि गुप्ता, सत्येंद्र कुमार, अवधेश कुमार गुप्ता, मकरंद सिंह यादव और वीरेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित किया गया है। इन अभियंताओं के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई है।
अन्य जिलों में भी हो सकती है कार्रवाई
हरदोई के अलावा अन्य जिलों जैसे बदायूं, बस्ती, जालौन, आजमगढ़, बलरामपुर, प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, गाजीपुर और कानपुर में भी सड़कों की जांच की गई। इन जिलों की रिपोर्ट भी शासन को प्राप्त हो चुकी है। जहां भी गुणवत्ता की कमी पाएगी, वहां भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सड़क निर्माण में कमी और अनियमितताएं
हरदोई जिले की जिन सड़कों की जांच की गई, उनमें प्रमुख थे:
- बेहटामंसूरनगर मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण
- पलिया-लखनऊ राष्ट्रीय मार्ग से रद्देपुर सकतपुर सांडी शाहाबाद मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण
- हरदोई-सांडी मार्ग का नवीनीकरण
- मझिला से खटेली मार्ग की विशेष मरम्मत
इन सड़कों पर हुई जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में कई खामियां पाई गईं, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई की और दोषी अधिकारियों को निलंबित किया।
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मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने हमेशा से ही प्रदेश में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्यों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रदेश में बनाई जा रही सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितताएं न पाई जाएं। यह कार्रवाई इसी आदेश का हिस्सा है, जिसमें मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।

