Noida : देश के विभिन्न हिस्सों में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में हाल ही में वृद्धि की गई है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। हालांकि, आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में सीएनजी की कीमतों को स्थिर रखा गया है।
कीमत वृद्धि के कारण
सीएनजी की कीमतों में इस वृद्धि के पीछे कई प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं
एपीएम गैस की आपूर्ति में कटौती: सरकार द्वारा एपीएम (Administered Price Mechanism) गैस की आपूर्ति में लगातार दो बार कटौती की गई है, जिसके कारण आपूर्ति कम हो गई है।
महंगी गैर-एपीएम गैस की खरीद: अब सीएनजी वितरक कंपनियों को महंगी गैर-एपीएम गैस खरीदनी पड़ रही है, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है।
आयातित एलएनजी की बढ़ती लागत: एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) की वैश्विक कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे सीएनजी के उत्पादन की लागत भी बढ़ी है।
इनपुट लागत में वृद्धि: सीएनजी के उत्पादन और वितरण में लगने वाली इनपुट लागत में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे कंपनियों को अपनी लागत को पूरा करने के लिए कीमतों में इजाफा करना पड़ा।
दिल्ली में कीमतों में स्थिरता
दिल्ली में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सीएनजी की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली में जनवरी या फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद ही कीमतों में कोई संशोधन किया जाएगा। चुनावों से पहले कीमतों में बढ़ोतरी से सत्ताधारी पार्टी को राजनीतिक नुकसान हो सकता है, इसी कारण से दिल्ली में फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली एनसीआर में बढ़ी कीमतें
दिल्ली एनसीआर (Noida) के अन्य शहरों में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है। यह वृद्धि उन शहरों में लागू की गई है जहां चुनावी माहौल नहीं है, और सीएनजी की आपूर्ति की स्थिति को लेकर कोई दबाव नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, सीएनजी की कीमतों में यह वृद्धि अपरिहार्य थी क्योंकि घरेलू गैस उत्पादन सीएनजी की बढ़ती मांग को पूरा नहीं कर पा रहा है। ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन) के घरेलू क्षेत्रों से गैस की आपूर्ति में कमी आई है। इसके चलते शहरी गैस वितरकों को महंगे विकल्प खरीदने पड़ रहे हैं, जिससे अंततः उपभोक्ताओं को यह बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।
ये भी पढ़ें : Unnao News : उन्नाव में 150 साल पुराना पुल गंगा में समाया, चार साल से पड़ा था बंद

