Sambhal Violence : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पिछले दिनों हुई शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हो गए। दंगाइयों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद शहर में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया और स्कूलों तथा कॉलेजों को भी बंद करने का आदेश दिया गया। इस हिंसा को लेकर विपक्षी दल पुलिस प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी एक्शन में हैं।
हिंसा की शुरुआत और एफआईआर में सनसनीखेज खुलासे
संभल हिंसा की शुरुआत रविवार सुबह जामा मस्जिद की ढलान पर जमा हुई लगभग 800-900 लोगों की भीड़ से हुई, जो नारेबाजी और पत्थरबाजी कर रही थी। पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई। एफआईआर में यह भी दर्ज है कि भीड़ ने सब इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनने की भी कोशिश की, जिसके बाद स्थिति की नाजुकता को देखते हुए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
एफआईआर में यह भी कहा गया है कि यह हमला एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया था। आरोप है कि दंगाइयों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू की और जान से मारने की नीयत से गोलियां भी चलाईं। इस हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस प्रशासन पर विपक्षी दलों के आरोप
हिंसा के बाद से विपक्षी दलों द्वारा पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा विरोध जताया है। इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी एक्शन में हैं और उन्होंने इस हिंसा को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ बयानबाजी की है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन को पुलिस की इजाजत नहीं मिली, और इस कारण पार्टी ने मंगलवार को संभल दौरे को स्थगित कर दिया है।
क्षेत्र में पुलिस का कड़ा पहरा
संभल में हालात को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस दंगाइयों की धरपकड़ में जुटी हुई है और आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार करने की तैयारी में है। शहर के माहौल को शांति की ओर लाने के लिए पुलिस प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है।
नेता जो जाएंगे संभल
संभल हिंसा के बाद कई प्रमुख नेताओं ने संभल दौरे की योजना बनाई है, जिनमें प्रमुख नेता और विधायक शामिल हैं। इन नेताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
- माता प्रसाद पांडे, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा
- लाल बिहारी यादव, नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद
- जावेद अली, राज्यसभा सांसद
- हरिंदर मलिक, लोकसभा सांसद
- रुचि वीरा, लोकसभा सांसद
- जिया उर रहमान बर्क, लोकसभा सांसद
- नीरज मौर्य, लोकसभा सांसद
- नवाब इक़बाल, विधायक
- पिंकी यादव, विधायक
- कमाल अख़्तर, विधायक
- जयवीर यादव, जिलाध्यक्ष मुरादाबाद
- शिवचरण कश्यप, जिलाध्यक्ष बरेली
इन नेताओं के दौरे को लेकर अभी तक पुलिस प्रशासन से मंजूरी नहीं मिल पाई है, लेकिन हिंसा के बाद की स्थिति को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
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