Noida: नोएडा प्राधिकरण ने लंबित ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में हो रही अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई करते हुए भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) को एक विस्तृत पत्र भेजा है। इस पत्र में दो बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों की परियोजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। प्राधिकरण का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य बिल्डरों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
संपत्ति वैल्यूएशन में गड़बड़ी का मामला
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति वैल्यूएशन में गड़बड़ी को लेकर दो प्रोजेक्ट की जांच के लिए IBBI को पत्र लिखा गया है।
- मैसर्स थ्री सी प्रोजेक्ट्स प्रालि: इस कंपनी को सेक्टर-168 में भूखंड संख्या जीएच-1ए पर लोटस जिंक प्रोजेक्ट आवंटित किया गया था।
- जीएसएस प्रोकॉन प्रालि: इसे सेक्टर-143बी में भूखंड संख्या जीएच-1सी पर प्रोजेक्ट दिया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों परियोजनाओं में संपत्ति के मूल्यांकन और वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
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खरीदारों को मिलेगी राहत
इन परियोजनाओं में सैकड़ों घर खरीदारों के पैसे फंसे हुए हैं। प्राधिकरण ने इन अनियमितताओं के सभी तथ्य IBBI के समक्ष रख दिए हैं, ताकि जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई से घर खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी और परियोजनाओं में पारदर्शिता आएगी।

