Yamuna Authority: यमुना प्राधिकरण में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. अरुणवीर सिंह ने व्यक्तिगत कारणों से लंबी छुट्टी पर जाने का निर्णय लिया है। उनकी अनुपस्थिति में यमुना प्राधिकरण के सुचारु संचालन और विकास कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रुति को सीईओ का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जिम्मेदारी संभाली
श्रुति ने सीईओ का चार्ज संभालते ही यमुना प्राधिकरण की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है। उनके नेतृत्व में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, विश्व की सबसे बड़ी फिल्म सिटी और औद्योगिक पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जाएगा।
कौन हैं श्रुति?
श्रुति 2011 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी हैं। उनके पास प्रशासनिक कार्यों का व्यापक अनुभव है। इससे पहले वह नोएडा प्राधिकरण में एसीईओ के पद पर कार्यरत रह चुकी हैं। इसके अलावा बलरामपुर और फतेहपुर जिलों में जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। श्रुति की नेतृत्व क्षमता और कार्यशैली को लेकर अधिकारियों में विश्वास है कि वह इस जिम्मेदारी को कुशलतापूर्वक निभाएंगी।
विकास कार्यों में आएगी तेजी
यमुना प्राधिकरण में इस समय कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, फिल्म सिटी और औद्योगिक पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि श्रुति के नेतृत्व में इन सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम होगा। एक अधिकारी ने बताया कि यह बदलाव केवल अस्थायी है और इसका किसी भी प्रोजेक्ट पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
श्रुति की प्राथमिकता
एसीईओ श्रुति ने कहा है कि उनका मुख्य उद्देश्य प्राधिकरण की परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करना है। इसके अलावा, प्राधिकरण के तहत चल रहे औद्योगिक और विकास कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करना उनकी प्राथमिकता है।
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यमुना प्राधिकरण की चुनौतियां
वर्तमान में यमुना प्राधिकरण कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें हवाई अड्डे और फिल्म सिटी के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों का विकास भी शामिल है। इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि श्रुति की नेतृत्व क्षमता इन परियोजनाओं को सफलता दिलाएगी।

