Ghaziabad: गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में मंगलवार की सुबह लोगों को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जो उन्हें मसूरी और शिमला की याद दिला गया। आसमान में छाए धुंधले बादलों के बीच हाईराइज टावर किसी पहाड़ी इलाके के दृश्य जैसे दिख रहे थे। यह दृश्य फेडरेशन ऑफ राजनगर एक्सटेंशन सोसायटीज के एक्जीक्यूटिव मेंबर दीपांशु मित्तल ने Savy Villa de Society की बालकनी से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया।
हालांकि, यह खूबसूरत दिखने वाला नजारा असल में प्रदूषण का डरावना चेहरा था। यह धुंध बादल नहीं, बल्कि रात भर जमा हुआ प्रदूषण था, जिसने लोगों की आंखों में जलन और सीने में भारीपन पैदा कर दिया।
प्रदूषण से घिरा शहर
राजनगर एक्सटेंशन के टावर सुबह-सुबह बादलों में डूबे नजर आए। लेकिन यह दृश्य उस खतरनाक प्रदूषण की देन थी, जिससे यह इलाका जूझ रहा है। क्षेत्र में जगह-जगह फैले कूड़े के ढेर से लगातार निकलता धुआं इस समस्या को और गंभीर बना रहा है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता से लोगों का गुस्सा भड़क रहा है।
गाजियाबाद की हवा ‘सीवियर’ श्रेणी में
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद की हवा लगातार खराब होती जा रही है। मंगलवार को यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सीवियर श्रेणी में रहा।
- लोनी: AQI 492
- संजयनगर: AQI 465
- वसुंधरा: AQI 463
- इंदिरापुरम: AQI 406
सूरज की रोशनी भी धुंधली
सोमवार को सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए, और मंगलवार को भी सूरज को स्मॉग से लड़ना पड़ा। धूप कभी निकलती तो कभी स्मॉग के पीछे छिप जाती। इसके बावजूद, हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ।
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चिकित्सकों की सलाह
चिकित्सकों ने गाजियाबाद के लोगों को सलाह दी है कि बिना आवश्यकता घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो एन-95 मास्क का उपयोग करें। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

