Delhi Pollution: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बढ़ते प्रदूषण के मामले पर सुनवाई हुई, जहां अदालत ने दिल्ली सरकार पर सख्त सवाल उठाए। जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने पूछा कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) को समय पर लागू क्यों नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “13 नवंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 401 के पार पहुंच गया था, फिर भी GRAP-3 तीन दिन बाद क्यों लागू किया गया?”
एमाइकस ने किया गंभीर स्थिति का जिक्र
सुनवाई के दौरान एमाइकस ने अदालत को बताया कि दिल्ली में स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि, “हमें दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बनने से रोकना होगा। सरकार अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।” पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए कहा था कि जब तक प्रदूषण के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए जाएंगे, स्थिति में सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
AQI 481 पर पहुंचा, दिल्ली में GRAP-4 लागू
सोमवार को दिल्ली में AQI 481 दर्ज किया गया, जो “खतरनाक” श्रेणी में आता है। इस स्थिति को देखते हुए आज से GRAP-4 लागू कर दिया गया है। रविवार को AQI 450 तक पहुंचने के बाद इसे लागू करने का फैसला लिया गया था, लेकिन सोमवार सुबह द्वारका, नजफगढ़ समेत कई इलाकों में AQI 500 के करीब पहुंच गया।
एनसीआर के शहरों की स्थिति भी खराब
दिल्ली के अलावा एनसीआर के शहरों में भी वायु प्रदूषण का असर दिख रहा है। सोमवार को नोएडा में AQI 384, गाजियाबाद में 400, गुरुग्राम में 446 और फरीदाबाद में 336 दर्ज किया गया।
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स्कूल और ऑफिस पर असर
वायु प्रदूषण के चलते दिल्ली में 9वीं तक के स्कूलों को ऑनलाइन क्लास में बदल दिया गया है। वहीं, सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का फैसला लिया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

