Noida: नोएडा की पार्श्वनाथ पैनोरमा सोसायटी में गांजे की खेती का मामला पुलिस और समाज के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है। आरोपी राहुल चौधरी ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि गांजे की खेती के लिए उसने विशेष मिट्टी ओडिशा से मंगवाई और बीज अमेरिका के कैलिफोर्निया से ऑनलाइन ऑर्डर किए। शुरुआत में उसने महज चार पौधों से खेती शुरू की थी, लेकिन धीरे-धीरे इसे एक संगठित नेटवर्क में बदल दिया।
डार्क वेब से जुड़ा कनेक्शन
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि राहुल ने डार्क वेब के माध्यम से 100 से अधिक लोगों से संपर्क किया था। इनमें से 14 लोगों को नशीले पदार्थों की आपूर्ति की पुष्टि हुई है। डार्क वेब पर राहुल ने न केवल गांजा, बल्कि अन्य नशीले पदार्थों की जानकारी भी हासिल की। विशेषज्ञ अब यह जांच कर रहे हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
कोविड महामारी के दौरान आया खेती का ख्याल
जांच में यह खुलासा हुआ कि कोविड महामारी के दौरान राहुल का ग्रेटर नोएडा के जगत फार्म इलाके में स्थित रेस्तरां बंद हो गया था। आर्थिक तंगी और अवसाद से उबरने के लिए उसने नशे की लत लगा ली। शुरुआत में उसने डार्क वेब से गांजा मंगवाया और बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से गांजे की खेती के बारे में जानकारी जुटाई।
100 दिनों में 12 लाख रुपये की कमाई
राहुल ने अपनी पत्नी को इस खेती को ‘ऑर्गेनिक फार्मिंग’ बताकर गुमराह किया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद भी उसने अपनी पत्नी को सच्चाई नहीं बताई और सिर्फ अपने एक दोस्त को इसकी जानकारी दी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि राहुल ने 100 दिनों में कुल 12 लाख रुपये की कमाई की थी।
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फ्लैट को बनाया खेती का केंद्र
राहुल ने गांजे की खेती के लिए अपने फ्लैट को विशेष रूप से तैयार किया था। फ्लैट की मिट्टी, तापमान और अन्य परिस्थितियां गांजे की खेती के अनुकूल बनाई गई थीं। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उसने विभिन्न रसायन, खाद और उपकरण भी ऑनलाइन मंगवाए थे। पुलिस को शक है कि राहुल का यह नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के शिक्षण संस्थानों तक फैला हो सकता है।

