Ghaziabad News: आज शाम व्रती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य की पूजा अर्चना करेंगी। शुक्रवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो जाएगा। गुरुवार शाम और शुक्रवार सुबह हिंडन घाट का नजारा अद्भुत होगा। दोपहर में गाजियाबाद के पूर्व सांसद जनरल वीके सिंह हेलीकॉप्टर से हिंडन घाट पर पुष्प वर्षा करेंगे। नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
समारोह के लिए बनाए गए 67 तालाब
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक हिंडन घाट पर तैनात हैं। इससे पहले बुधवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह और महापौर सुनीता गोयल ने भी स्थल का निरीक्षण किया और जरूरी निर्देश दिए। महापौर ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 67 तालाब बनाए गए हैं और गंगाजल छोड़ा गया है, ताकि जो श्रद्धालु हिंडन घाट नहीं पहुंच पाते हैं, वे अपने घर के नजदीक ही अनुष्ठान कर सकें।
हिंडन घाट पर किए गए विशेष इंतजाम
गाजियाबाद नगर निगम ने छठ महापर्व को खास बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। नगर निगम क्षेत्र में कुल 70 छठ घाट तैयार किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक स्थान पर साफ-सफाई, बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की गई है। मुख्य छठ घाट हिंडन में बनाया गया है, जो सूर्यास्त के समय लेजर लाइट से जगमगाएगा। तैयारियों के तहत हिंडन के किनारे प्रार्थना के लिए वेदियां बनाई गई हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि वेदियों पर “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का संदेश दिया गया है, जो वाकई सराहनीय है।
श्रद्धालु गंगा जल से स्नान कर सकेंगे
नगर निगम ने हिंडन के किनारे गंगा जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। 7.5 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है और हिंडन के पानी को शुद्ध करने के लिए इसमें अतिरिक्त गंगा जल छोड़ा गया है। हिंडन घाट पर व्यवस्थाओं को संभालने के लिए नगर निगम के 120 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए घाट पर 25 चेंजिंग रूम, 20 पानी के टैंकर और छह घाटों पर 10 मोबाइल शौचालय बनाए गए हैं।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हिंडन घाट पर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए हैं। घाट पर पांच सौ पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व पर नजर रखी जा सके। पूरा घाट क्षेत्र सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा। यहां 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। घाट में प्रवेश मेटल डिटेक्टर से होगा, ताकि हथियार या खतरनाक सामान अंदर न लाया जा सके। इसके अलावा, पुलिस ड्रोन के जरिए भी इलाके की निगरानी करेगी।

