UP News: दीपावली से पहले एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में वायु प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार ने गंभीर रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
दीपावली पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध
डॉ. अरुण कुमार ने दीपावली पर प्रदूषण को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने साफ किया कि पराली जलाने वाले किसानों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कूड़ा ढोने वाले वाहनों में कचरे को ढक कर ले जाया जाए और धूल उड़ने वाले स्थानों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाए।
कंस्ट्रक्शन कार्यों और पराली जलाने पर नजर
मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कंस्ट्रक्शन कार्यों में लगे लोगों को जागरूक करने और उनसे प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने के मामलों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। डॉ. कुमार ने जानकारी दी कि सरकार ने वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए हैं, जो प्रदूषण के हॉटस्पॉट्स का पता लगाने में सहायक होंगे।
पुराने वाहनों पर भी लगी रोक
वायु प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से मंत्री डॉ. कुमार ने एनसीआर में 10 से 15 साल पुराने वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 15 साल से पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का भी आदेश जारी किया गया है। यह कदम दीपावली के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए अहम माना जा रहा है।
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मेरठ, बागपत, शामली, और मुजफ्फरनगर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक
मंत्री डॉ. कुमार ने मेरठ, बागपत, शामली, और मुजफ्फरनगर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण रोकने के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा। अधिकारियों से अपील की गई है कि वे लोगों को प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान के प्रति जागरूक करें और दीपावली पर पटाखे न जलाने की सलाह दें। डॉ. कुमार ने कहा, “वायु प्रदूषण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है बल्कि कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बनता है। इसलिए दीपावली पर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हमें जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।”

