Delhi NCR Pollution: राजधानी दिल्ली में हवा की दिशा में बदलाव के कारण गुरुवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार देखा गया। बुधवार की तुलना में AQI में 58 अंकों की कमी के साथ 306 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है, जिससे निवासियों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। कई इलाकों में AQI “बहुत खराब” श्रेणी में दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
वायु गुणवत्ता में फिर से गिरावट की संभावना
CPCB का अनुमान है कि शुक्रवार को AQI एक बार फिर “खराब” श्रेणी में आ सकता है। शनिवार और रविवार को वायु गुणवत्ता में और गिरावट आने की संभावना है। गौरतलब है कि दिल्ली के रोहिणी, द्वारका, मुंडका और बवाना जैसे इलाकों में AQI 400 को पार कर गया है, जो “गंभीर” श्रेणी में पहुंच गया है। आनंद विहार, वजीरपुर और जहांगीरपुरी समेत 25 अन्य इलाकों में हवा को “बहुत खराब” माना जाता है, जबकि डीटीयू और नरेला में इसे “खराब” श्रेणी में रखा गया है। लोगों को अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बाहर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज तापमान 33 डिग्री रहने की उम्मीद
दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। इन बदलावों के बीच नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे बढ़ते प्रदूषण के प्रतिकूल प्रभावों से बचने के लिए अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें।
गाजियाबाद दूसरे स्थान पर
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। दिल्ली का AQI 306 पर पहुंच गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आ गया। गाजियाबाद में AQI 272 दर्ज किया गया, जबकि गुड़गांव में AQI 239 रहा, जो दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। ग्रेटर नोएडा में AQI 214, नोएडा में 169 और फरीदाबाद में 142 रहा। ये आंकड़े स्पष्ट रूप से संकेत देते हैं कि एनसीआर में वायु प्रदूषण एक गंभीर मुद्दा है जो निवासियों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
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पराली जलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
15 सितंबर से 23 अक्टूबर तक पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने पराली जलाने के मामलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। इस अवधि के दौरान 1,254 एफआईआर दर्ज की गईं और खसरा गिरदावरी (भूमि रिकॉर्ड) में 496 रेड एंट्री की गईं। इसके अतिरिक्त, 1.325 मिलियन रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया, जिसमें से 1.167 मिलियन रुपये वसूल किए जा चुके हैं। रिपोर्ट में पराली जलाने के मामलों में उल्लेखनीय कमी का संकेत दिया गया है, जिसमें 1,638 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इस बीच, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारें स्थिति पर नजर रख रही हैं और पराली जलाने से रोकने के लिए कदम उठा रही हैं।

