Ghaziabad: गाजियाबाद में तीन वर्ष पूर्व बीटेक की छात्रा के अपहरण और छह महीने तक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने मुख्य आरोपी आदित्य उर्फ विशु तोमर को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, इस मामले में नामजद की गई छात्रा की दो सहेलियों और एक अन्य आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश त्यागी ने जानकारी दी कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत में मंगलवार को बहराइच जेल से लाकर मुख्य आरोपी आदित्य उर्फ विशु तोमर को पेश किया गया। अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए आदित्य को दोषी करार दिया और उसे 10 साल की सजा सुनाई। मामले में नामजद अन्य आरोपी सीमा, नीतू और संजू को अदालत ने साक्ष्यों की कमी के चलते बरी कर दिया।
अपहरण की घटना और गिरफ्तारियां
यह मामला 10 सितंबर 2021 का है, जब मोदीनगर से बीटेक की छात्रा का अपहरण किया गया था। छात्रा के पिता ने उसी दिन इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक फरवरी 2022 को मोदीनगर थानाक्षेत्र के सीकरी स्थित पेट्रोल पंप के पास से मुख्य आरोपी आदित्य तोमर को गिरफ्तार कर छात्रा को बरामद कर लिया था।
छात्रा के बयान में सहेलियों समेत चार के नाम
पूछताछ के दौरान छात्रा ने अपने अपहरण में आदित्य तोमर के अलावा अपनी दो सहेलियों सीमा और नीतू के साथ ही संजू उर्फ बिट्टू तोमर का नाम लिया था। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर आदित्य तोमर को डासना जेल से बहराइच जेल में ट्रांसफर किया गया था।
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साक्ष्य के अभाव में तीन आरोपी बरी
अदालत में इस मामले के दौरान कुल 10 गवाह पेश किए गए। सुनवाई के बाद तीन आरोपियों सीमा, नीतू और संजू को साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने दोषमुक्त करार दिया, जबकि मुख्य आरोपी आदित्य को दोषी पाते हुए 10 साल की कठोर सजा सुनाई गई।

