उत्तर प्रदेश के बहराइच हिंसा का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां पर बुलडोजर एक्शन के रोक की मांग को लेकर दायर याचिका पर आज सुनवाई होने वाली है। जबकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहराइच में बुलडोजर एक्शन पर 15 दिन तक लगा चुकी है। तो वहीं इस बीच बहराइच कांड को लेकर एक बार फिर बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा अपने बयान के चलते चर्चाओं में आ गई हैं। लेकिन इस बयान के बाद उन्हें फिर माफी भी मांगनी पड़ी है. तो आइये आपको बताते है कि नूपुर शर्मा (Nupur Sharma)ने बहराइच हिंसा के मामले पर अपने बयान में क्या कहा?
रामगोपाल मिश्रा की मौत पर क्या बोली नूपुर शर्मा?
दरअसल, पैगंबर के खिलाफ विवादित बयान देकर सुर्खियों में आने वाली बीजेपी की पूर्व नेता नूपुर शर्मा ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में आयोजित ब्राह्मण सभा को संबोधित किया और इस दैरान उन्होंने बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा की मौत का भी जिक्र किया. उन्होंने रामगोपाल मिश्रा की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट को लेकर कहा कि ”बहराइच में जिस तरह से गोपाल मिश्रा जी की हत्या की गई मुझे बहुत कष्ट हुआ। शायद आपसे गहराई से मैं इसे समझ सकती हूं क्योंकि मैं ढाई साल से इससे जूझ रही हूं। मैं ही नहीं मेरा परिवार…इस मंच पर और शायद आप सबमें वो बहुत वरिष्ठ लोग हैं जिन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया और प्रार्थना की कि आज सही सलामत ठीक ठाक आपके सामने जीवित खड़ी हूं। पैंतीस गोलियां, नाखून उखाड़ दिए, पेट फाड़ दिया, आंख निकाल दी क्यों…दोबारा पूछूंगी क्या झंडा हटाने के लिए हमारे देश का कानून किसी की निर्मम हत्या की इजाज़त देता है क्या। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने सभी कदम उठाए हैं. मैंने पहले भी कहा था और मैं इसे फिर से कहूंगी- हिंदुओं का जीवन मायने रखता है. आप कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकते. इसके साथ ही उन्होंने इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्रवाई का समर्थन करते हुए ये बात कही.
बता दें कि नूपुर शर्मा ने जब ये बात कही था तो उस वक्त मंच पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्रा भी मौजूद थे.
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बयान देने के बाद नूपुर शर्मा ने मांगी माफी
तो वहीं अब नूपुर शर्मा के इस बयान के लेकर लोग उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रेल करना शुरू कर दिया था जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो को री ट्वीट करते हुए मांफी मांगी और लिखा कि, ‘दिवंगत राम गोपाल मिश्रा जी के बारे में जो मैंने मीडिया में सुना था वह मैंने दोहराया. मुझे पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट के स्पष्टीकरण के बारे में नहीं पता था. मैं अपने शब्द वापिस लेती हूं और क्षमा माँगती हूं.’
पुलिस ने अफवाहों को बताया गलत
बता दें कि बहराइच हिंसा के बाद रामगोपाल मिश्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर इस तरह के दावे किए गए थे कि हमलावरों ने रामगोपाल को मारने से पहले तड़पाया गया था. लेकिन, बहराइच पुलिस ने इन्हें गलत बताते हुए इन सभी अफवाहों का खंडन किया था और अफ़वाह नहीं फैलाने की अपील की थी. पुलिस ने अपने बयान में कहा कि इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है. रामगोपाल की मौत गोली लगने से हुई है इसका अन्य कोई और कारण नहीं है. इसलिए सभी से अनुरोध है कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखें.

