Bahraich Violence: उत्तर प्रदेश के बहराइच में मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के मुख्य आरोपी सरफराज और तालिब को पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल कर गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर बहराइच में रामगोपाल मिश्रा की हत्या का गंभीर आरोप था, जो धार्मिक जुलूस के दौरान हिंसा का शिकार हुए थे। पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी, क्योंकि घटना के बाद से दोनों फरार चल रहे थे।
नेपाल भागने की फिराक में था सरफराज
जानकारी के अनुसार, सरफराज उत्तर प्रदेश पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन सीमा के पास पुलिस ने उसकी योजना पर पानी फेरते हुए उसे मुठभेड़ में घायल कर दबोच लिया। पुलिस मुठभेड़ में तालिब भी गोली लगने से घायल हुआ। इनके अलावा, पुलिस ने अब्दुल हमीद, फहीम और अब्दुल अफजल को भी गिरफ्तार किया है। इस मामले में कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश DGP का बयान
उत्तर प्रदेश पुलिस के DGP प्रशांत कुमार ने बहराइच हिंसा मामले पर जानकारी देते हुए कहा, “जब पुलिस भारत-नेपाल सीमा के पास हथियार बरामदगी के लिए पांचों आरोपियों को ले जा रही थी, तभी सरफराज और तालिब ने भागने की कोशिश की। इस दौरान दोनों आरोपियों को मुठभेड़ में गोली लगी। अन्य तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।”
पूर्व मंत्री यासर शाह की अपील
बहराइच में बढ़ते तनाव को देखते हुए, पूर्व मंत्री यासर शाह ने लोगों से संयम बरतने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने निवासियों से प्रशासन का सहयोग करने और शांति बनाए रखने की गुजारिश की है। यासर शाह ने कहा, “जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।”
अखिलेश यादव का बयान
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बहराइच मुठभेड़ पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए और कानून का सही से पालन कराना चाहिए।”
पुलिस की जनता से अपील
पुलिस-प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैली किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
बहराइच में मां दुर्गा विसर्जन के दौरान भड़की हिंसा
बहराइच के महाराजगंज कस्बे में रविवार को मां दुर्गा की प्रतिमा के विसर्जन के लिए जुलूस निकाला गया था। इस दौरान एक समुदाय विशेष के लोगों ने धार्मिक गानों की तेज आवाज पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और दोनों समुदायों ने एक-दूसरे पर हमले किए।
सार्वजनिक संपत्तियों का हुआ भारी नुकसान
इस हिंसा में बहराइच के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा। हमलावरों ने कई दुकानों में आगजनी की, जिसके बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
ये भी पढ़ें..
Noida: नोएडा में ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव, हल्के मालवाहक वाहनों पर भी लागू होगी नो एंट्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहराइच हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सरकार की तरफ से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की गई थी।

