Noida: गौतमबुद्ध नगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ 20 लाख रुपये की मिट्टी चोरी के मामले में थाना दादरी के प्रभारी को प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। यह आदेश ग्राम बोड़ाकी निवासी वकील बलराज भाटी की याचिका पर जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों पर मिलीभगत से उनकी जमीन से मिट्टी चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है।
40 बीघा भूमि से जुड़ा विवाद
बलराज भाटी ने अदालत को जानकारी दी कि उनके पिता और चचेरे भाई ग्राम चमरावली रामगढ़ में खसरा संख्या 760, 761, 770, 771, 772, 774 और 775 में स्थित 40 बीघा भूमि के सहखातेदार हैं। वर्ष 2018 से 2021 के बीच डीएफसी रेलवे ने इस भूमि में से 24 बीघा का अधिग्रहण किया था, जबकि शेष 16 बीघा भूमि बची रही। अधिग्रहण की गई भूमि पर न्यू बोडाकी रेलवे जंक्शन और आवासीय फ्लैट्स का निर्माण हो चुका है, जिससे उनकी 16 बीघा भूमि का रास्ता और पानी का स्रोत पूरी तरह से बंद हो गया है।
रैंप बनाकर मिट्टी चोरी का आरोप
बलराज भाटी ने आरोप लगाया है कि 21 अगस्त 2024 को जब वह अपने खेत पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि डीएफसी रेलवे के अधिकारियों ने उनकी भूमि के अंदर चोर गेट और रैंप बनाकर करीब 20 लाख रुपये की मिट्टी चोरी कर ली थी। यह मिट्टी न्यू बोडाकी रेलवे जंक्शन के परिसर में डाल दी गई थी, जिससे उनके खेत की जमीन 12 फीट गहरी हो गई और अब वह खेती के लायक नहीं रही।
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कोर्ट का निर्देश और जांच के आदेश
मिट्टी चोरी की शिकायत बलराज भाटी ने पुलिस कंट्रोल रूम 112 और थाना दादरी में की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने के बाद उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 175(3) और (4) के तहत याचिका दायर की। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 22 अक्टूबर 2024 की तारीख तय की है और थाना दादरी को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

