Noida: नोएडा में बन रहे 4.5 किलोमीटर लंबे भंगेल एलिवेटेड रोड (Bhangel Elevated Road) की परियोजना एक बार फिर से विवादों में घिर गई है। सेतु निगम (Setu Nigam) ने नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) से 55 करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत की मांग की है, जिससे इस परियोजना की कुल लागत 608.61 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह परियोजना जून 2020 में 468 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई थी, और इसे दिसंबर 2022 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक केवल 80 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है।
चार लूप का निर्माण भी रुका
प्राधिकरण के अधिकारी इस नई मांग से हैरान हैं, हालांकि परियोजना की महत्ता को देखते हुए अभी तक इस अतिरिक्त राशि की मांग को आधिकारिक तौर पर खारिज नहीं किया गया है। इसके अलावा, बरौला टी प्वाइंट पर प्रस्तावित चार लूप का निर्माण भी अनिश्चितता में लटक गया है। शुरुआत में इन लूपों को मुख्य परियोजना के साथ बनाने की योजना थी, लेकिन अब प्राधिकरण ने इसे स्थगित कर दिया है। इन लूपों के निर्माण से एलिवेटेड रोड की कनेक्टिविटी बरौला और सात एक्स सेक्टरों सहित अन्य क्षेत्रों से बेहतर हो जाती।
निवासियों में असंतोष
परियोजना में हो रही देरी और बढ़ती लागत से सेक्टर-49 से लेकर सेक्टर-82 तक के निवासी और भंगेल के व्यापारी बेहद परेशान हैं। व्यापारियों ने इस मामले को लेकर कई बार शिकायत भी दर्ज कराई है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने कई बार इस परियोजना का निरीक्षण किया और सेतु निगम को चेतावनी भी दी, लेकिन इसके बावजूद काम की गति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
विकास कार्यों में देरी एक बड़ी समस्या
नोएडा में विकास कार्यों में देरी और लागत वृद्धि की समस्या काफी लंबे समय से चली आ रही है। भंगेल एलिवेटेड रोड परियोजना इसका ताजा उदाहरण है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर-82 से लेकर अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह रोड महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उनका आवागमन आसान और सुगम होगा। परंतु लगातार देरी से अब यह परियोजना लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है।
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क्या कहते हैं अधिकारी?
नोएडा प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अतिरिक्त राशि की मांग पर अभी विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने कहा, “परियोजना के महत्त्व को देखते हुए हम कोई भी निर्णय जल्दबाजी में नहीं लेंगे, लेकिन सेतु निगम से हमारी बातचीत जारी है।”
आगे का रास्ता?
अब देखना यह होगा कि नोएडा प्राधिकरण इस अतिरिक्त मांग को मंजूरी देता है या नहीं। साथ ही, बरौला टी प्वाइंट के लूप का निर्माण कब तक शुरू होगा, यह भी अनिश्चित है। नोएडा के निवासियों और व्यापारियों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि प्राधिकरण और सेतु निगम के बीच चल रही बातचीत का क्या परिणाम निकलता है।

