New Delhi: भारत दौरे पर आए जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस की सुरक्षा में चूक का एक मामला सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें भारतीय संसद पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सिक्योरिटी एजेंसियों के बीच हुए कंफ्यूजन के कारण उन्हें संसद के गेट पर रोक दिया गया, जिससे उनके काफिले को विजय चौक के दो चक्कर लगाने पड़े।
इससे पहले, मंगलवार (1 अक्टूबर 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। एंड्रयू होलनेस भारत दौरे पर आने वाले जमैका के पहले प्रधानमंत्री हैं, और उनकी चार दिवसीय यात्रा गुरुवार (3 अक्टूबर 2024) तक चलेगी। 2 अक्टूबर को उन्होंने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
विदेश मंत्रालय का बयान
जमैका के प्रधानमंत्री की इस यात्रा को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने और दीर्घकालिक संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है। यह यात्रा दोनों देशों के आपसी संबंधों को एक नई दिशा देगी।
वाराणसी दौरा
बुधवार (2 अक्टूबर 2024) को जमैका के प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने बुद्ध स्थली सारनाथ का दौरा किया। उन्होंने धमेख स्तूप और वहां की पुरातात्विक धरोहरों का गहन अवलोकन किया। वाराणसी दौरे के दौरान जमैका के प्रधानमंत्री ने शाम को विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती में भी भाग लिया। नमो घाट से अलकनंदा क्रूज द्वारा दशाश्वमेध घाट पहुंचे और मां गंगा की आरती में सम्मिलित हुए। उनके वाराणसी दौरे को देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे, और संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था।
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विशेष उपहार
भारत दौरे के दौरान, जमैका के प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खास उपहार भेंट किया। उन्होंने पीएम मोदी को 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जमैका यात्रा की एक तस्वीर दी, जो मोंटेगो बे में आयोजित जी-15 बैठक के दौरान ली गई थी। इस तस्वीर में वाजपेयी जी भारतीय प्रवासियों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं।

