Noida: गौतमबुद्ध नगर जिले में पालतू कुत्तों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा स्थित एटीएस पैराडिसो हाउसिंग सोसाइटी का है, जहां निवासियों और एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) के बीच पालतू कुत्तों को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है। निवासियों का आरोप है कि एओए द्वारा पालतू कुत्ते पालने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है और उनसे 1,000 रुपये की मांग की जा रही है।
महिला निवासी ने एओए को भेजा लीगल नोटिस
इस विवाद में श्वेता मेंदीरत्ता नाम की एक महिला निवासी ने अपने पालतू कुत्ते के साथ हो रही समस्याओं के चलते एओए को लीगल नोटिस भेजा है। श्वेता ने आरोप लगाया है कि सोसाइटी के गेट नंबर-4 पर उनके कुत्ते को बाहर ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे उनके और उनके परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
श्वेता मेंदीरत्ता की समस्या
श्वेता मेंदीरत्ता ने बताया कि उनके पति प्रमोद आईटी कंपनी में बैंगलोर में कार्यरत हैं और वह समय-समय पर ही घर आते हैं। उनके घर में उनके बुजुर्ग पिता, छोटे बच्चे और एक बीमार पालतू कुत्ता रहता है। उनका कुत्ता फिलहाल चलने-फिरने में असमर्थ है, और इस वजह से उन्हें कुत्ते को आसानी से बाहर ले जाने के लिए गेट नंबर-4 के पास फ्लैट लिया था। खासतौर पर इसलिए क्योंकि उनके पिता को दिल की बीमारी है और उन्हें भी देखभाल की जरूरत रहती है।
महिला के साथ अभद्रता का आरोप
हाल ही में जब श्वेता अपने कुत्ते को शौच के लिए गेट नंबर-4 से बाहर ले जा रही थीं, तो सोसाइटी के गार्ड्स ने उन्हें रोक दिया और उनके साथ अभद्रता की। गार्ड्स ने श्वेता को आरडब्लूए (रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन) के पदाधिकारियों से बात करने के लिए कहा और उन्हें गेट से बाहर नहीं जाने दिया।
आरडब्लूए अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
श्वेता का आरोप है कि जब उन्होंने आरडब्लूए अध्यक्ष दिनेश राय और सचिव जय टोकस से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें धमकाकर भगा दिया गया। इसके बाद श्वेता ने सोसाइटी को ईमेल के माध्यम से गेट नंबर-4 खोलने की अपील की, लेकिन उनकी अपील पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। मजबूर होकर श्वेता ने अपने अधिवक्ता के जरिए आरडब्लूए को लीगल नोटिस भेजा, जिसका जवाब आरडब्लूए ने कुछ दिन बाद दिया।
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जिलाधिकारी से लगाई मदद की गुहार
श्वेता का कहना है कि आरडब्लूए द्वारा भेजे गए जवाब में कई झूठी बातें लिखी गई हैं, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया है। अब यह मामला कानूनी दिशा में जा चुका है और सोसाइटी में तनाव बना हुआ है। श्वेता ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी को भी पत्र भेजकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

