Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। नियोजन विभाग में एक सोसायटी के लिए पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने में अनियमितता पाई गई, जिसके चलते दो सहायक प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से नियोजन विभाग के अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। यह घटना ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करती है।
इस मामले में हुई कार्रवाई
मामला ग्रेटर नोएडा के पाई-4 क्षेत्र में स्थित एक सोसायटी के पूर्णता प्रमाण पत्र से जुड़ा है। प्राधिकरण के नियमों के अनुसार किसी भी सोसायटी के लिए पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए पांच अलग-अलग विभागों की रिपोर्ट की आवश्यकता होती है। आरोप है कि इन दोनों अधिकारियों ने इन रिपोर्टों को हासिल करने के बहाने मोटी रिश्वत ली, लेकिन इसके बाद भी रिपोर्ट जमा नहीं की गई और काम में काफी देरी हो गई। इस देरी से परेशान सोसायटी के निवासियों ने सीईओ रविकुमार एनजी से शिकायत की।
जांच के दायरे में आए अधिकारी
नियोजन विभाग के सहायक प्रबंधक लाल सिंह और एम.पी. सिंह को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया गया है और उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रविकुमार एनजी के निर्देशन में की गई। जांच में पता चला है कि रिश्वत लेने के बावजूद जानबूझकर काम को रोका गया। घटना के बाद सहायक प्रबंधक लाल सिंह को ग्रेटर नोएडा वेस्ट कार्यालय में वापस भेज दिया गया है, जबकि एमपी सिंह को मानव संसाधन (एचआर) विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया है।

