Noida News: नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट ने हाल ही में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई की, जमीन को खाली करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, ₹15 करोड़ की सरकारी जमीन को पुनः प्राप्त किया गया। यह कदम सदर एसडीएम चारुल यादव को शिकायत मिलने के बाद उठाया गया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया।
इस कदम के पीछे मुख्य कारण राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के बावजूद बाढ़ क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों का निर्माण जारी रहना था। ये कॉलोनियां न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही थीं, बल्कि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर रही थीं। हर साल बाढ़ की समस्या से जूझने वाले क्षेत्र में अवैध निर्माण ने स्थिति को और खराब कर दिया है।
एसडीएम के नेतृत्व में अभियान
एसडीएम चारुल यादव ने मौके पर जाकर अभियान का नेतृत्व किया, उनके साथ भारी पुलिस बल भी था। तहसीलदार और अन्य सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर उन्होंने सुनिश्चित किया कि कोई भी अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई का विरोध न कर सके। लखनावली थाना क्षेत्र में चलाए गए इस अभियान से स्थानीय लोगों में यह सख्त संदेश गया कि सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए आगे भी होगी कार्रवाई
इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया, क्योंकि वे अवैध कॉलोनियों के निर्माण से होने वाली समस्याओं से लंबे समय से पीड़ित थे। बाढ़ के खतरों को देखते हुए, इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र के विकास और सुरक्षा में मदद मिलेगी। जिला मजिस्ट्रेट की कार्रवाई से यह स्पष्ट रूप से पता चलता है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेता है और पर्यावरण और जनहित से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह मामला न केवल ग्रेटर नोएडा बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए एक मिसाल है।
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एसडीएम चारुल यादव ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से यह तो पता चलता ही है कि जब बात जन सुरक्षा और पर्यावरण की आती है तो प्रशासन सख्त कदम उठाने के लिए तैयार है। अवैध अतिक्रमण को रोकने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए आगे भी कार्रवाई जरूरी होगी।

