Ghaziabad News: नंदग्राम थाना पुलिस ने सेवानगर से पादरी और इन्ग्राहम स्कूल के पीटीआई जेराल्ड उर्फ गेराल्ड मैथ्यूज मसाह को गिरफ्त में ले लिया हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पता चला कि ये लोग व्हाट्स ग्रुप के जरिए धर्म परिवर्तन कराकर इसाई बनाए गए लोगों से लगातार संपर्क में रहता था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा मुंबई में उसके नेटवर्क की जानकारी पुलिस को मिली है। धोखे से और लालच देकर धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने पादरी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, पांचों अभियुक्तों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
पैसे का लालच देकर कराया जाता था धर्मांतरण
पुलिस से पूछताछ में गेराल्ड मैथ्यूज मसीह ने बताया कि आसपास में उसने अपने कुछ आदमी छोड़ रखे थे, जो गरीब और बीमार लोगों की जानकारी उसे देते थे जिसके बाद वह उन लोगों को अपना शिकार बनाता था। किसी बहाने से संपर्क किया जाता था और बीमारी से पीछा छुड़ाने के लिए धार्मिक अनुष्ठान की सलाह दी जाती थी। धीरे- धीरे पीड़ित के राजी होने पर पूरी टीम धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंचती थी और अनुष्ठान पूरा होने के बाद मौके पर मौजूद सभी लोगों को नगदी वितरित की जाती थी, ऐसे ही तीन-चार राउंड पूरे करने के बाद गेराल्ड मसीह और उसकी टीम के लोग धर्मांतरण के लिए माहौल बनाना शुरू कर देते थे।
हिंदू संगठन के लोगों ने किया हंगामा
हिंदू संगठन के लोगों को इस घटना की सूचना मिली तो लोगों ने हंगामा शुरु कर दिया जिसके बाद पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। जांच के दौरान आरोप सही निकने पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद पादरी जेराल्ड उर्फ गैराल्ड मैथ्यूज मशी और उसके चार साथियों रवि कुमार पुत्र जगपाल सिंह निवासी सेवानगर, आशीष मसीह पुत्र प्रकाश मसीह निवासीर राजनगर, रोहन पुत्र सुरेश निवासी गदाना, हापुड़ रोड- मोदीनगर, दीपक मसीह पुत्र अजय सिंह निवासी इंद्रापुरी- मोदीनगर को गिरफ्तार कर पुलिस ने बुधवार को कोर्ट के सामने पेश किया। कोर्ट ने पांचों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पांचों अभियुक्तों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
यह भी पढ़े……Sanjay Raut: संजय राउत मानहानि केस में दोषी करार, 15 दिन की सजा और जुर्माना भी लगाया गया
कई शहरों के लोगों को बना चुका हैं शिकार
एसीपी नंदग्राम पूनम मिश्रा ने बताया कि ये आरोपी इन्ग्राहम स्कूल में पीटीआई और डासना की चर्च में पादरी था। पुलिस ने गिरफ्तार कर जब इसका मोबाइल चैक किया तो इसके फोन में व्हाट्सएप ग्रुप से पता चला हैं कि वह गाजियाबाद शहर के अलावा मोदीनगर, हापुड़ और बागपत में ही 150 लोगों का धर्मांतरण करा चुका हैं। जिनकी संख्या करीब डेढ़ सौ, उसके मोबाइल पर कई ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं जिन पर धर्मांतरण के बाद लोगों को इसाई धर्म के बारे में जानकारी शेयर की जाती थी। जो लोग झांसे में आकर धर्म बदल लेते थे, उन्हें ग्रुप में जोड़ा जाता था। पुलिस व्हाट्सएप ग्रुप की इस जानकारी को इस केस में साक्ष्य के रूप में कोर्ट के सामने रखेगी।

