Ghaziabad News: बुलंदशहर के नरसैना गांव के रहने वाले एक 21 साल के लड़के ने जेल में पंखे से लटकर अपनी जान दे दी। साथ ही उसने मरने से पहले दो पन्ने का एक सुसाइड नोट भी लिखा था। मृतक की पहचान 21 साल के शिवम के रुप में हुई हैं। शिवम ने जेल के बिजली आफिस में जाकर फंदा लगाने के लिए केबिल के एक टुकड़े का इस्तेमाल किया था। बता दें की अरोपी को 10 सितंबर को पिलखुवा थाने से जेल भेजा गया था। उस पर नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने और फिर दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। मेडिकल जांच में भी रेप की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के मुताबिक सूचना पाकर मौके पर पहुंची मसूरी थाना पुलिस ने शिवम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मरने से पहले पीडिता से मांगी माफी
अरोपी शिवम ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमें वह पीडित लडकी से मांफी मांग रहा हैं। वैसे तो शिवम ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था साथ ही शिवम की लिखावट भी स्पष्ट नहीं थी। सुसाइड नोट में उसने नाबालिग लड़की से माफी मांगने के साथ ही उसके माता- पिता को सास- ससुर के संबोधन के साथ जेल भिजवाने के लिए जिम्मेदार बताया है। उसने लिखा कि मैं अपने सास- ससुर की वजह से जेल में हूं।
केबिल के तार का बनाया था फंदा
शिवम रात में करीब 10 बजे लाइब्रेरी से सटे बिजली ऑफिस के अंदर पहुंचा और केबिल का फंदा बनाकर पंखे से झूल गया। जेल कर्मियों ने उसे देर रात पंखे से लटका देख अधिकारियों को सूचना दी, अधिकारियों ने तत्काल मामले की सूचना मसूरी थाना पुलिस को दी। वीडियो ग्राफी करते हुए शिवम का शव पंखे से नीचे उतारा गया। मौके पर पहुंची मसूरी थाना पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
पॉक्सो एक्ट के तहत हुआ था मुकदमा दर्ज
शिवम के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। हापुड़ की कोर्ट ने उसे 10 सितंबर को जेल भेज दिया था। बता दें की हापुड़ जिले के बंदी और कैदी भी गाजियाबाद की डासना जेल में ही रखे जाते हैं। शिवम के खिलाफ नाबालिग के माता पिता ने भगाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। पिलखुवा थाना पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर मेडिकल परीक्षण कराया था।
शिवम के पिता का लडकी के परिवार वालो पर अरोप
शिवम के पिता सुंदर सिंह ने लड़की के परिवार वालो पर अरोप लगाते हुए कहा कि उनका बेटा निर्दोष था। सोशल मीडिया पर बेटे की एक लडकी से दोस्ती हो गई थी। उन्होंने जेल भेजने से पहले उनसे एक लाख रुपए की डिमांड किए जाने का आरोप लगाया है। सुंदर का कहना है कि जेल प्रशासन द्वारा उन्हे रात में फोन करके सूचना दी थी कि शिवम ने सुसाइड कर ली है, मगर जेल प्रशासन द्वरा कुछ भी स्पष्ट रूप से जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्हें मामले में मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही है।

