ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Jyotirmath Shankaracharya Swami) शनिवार 22 सितंबर को अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे थे. शंकराचार्य रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के 8 महीने बाद अयोध्या आये हैं और इसी के साथ आज वह राममंदिर परिसर में रामकोट की परिक्रमा करेंगे. तो वहीं शनिवार की शाम को हनुमानगढ़ी दर्शन करने पहुंचे शंकराचार्य ने मीडिया से भी बात की और इस दौरान उन्होंने तिरुपति के लड्डू को लेकर एक बड़ा बयान दिया. शंकराचार्य ने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय अयोध्या में तिरुपति बालाजी मंदिर से एक लाख लड्डू आए थे और उन लड्डूओं को भक्तों में भी बांटा गया था. तो वहीं अब प्रसाद के तौर पर जिन भक्तों ने यह लड्डू खाया है उन्हें अब पाप बोध महसूस हो रहा है. तो ऐसे में भक्त पंचगव्य यानि की पंचामृत का सेवन कर फिर से अपने शरीर और आत्मा को पवित्र कर सकते हैं.
पंचामृत से पाप का होता है दहन
शंकराचार्य ने कहा कि पंचगव्य के सेवन पाप का दहन होता है. लेकिन इसी के साथ उन्होंने शास्त्रों के बारें में बताते हुए कहा कि अगर कोई किसी को जबरन या धोखे से इस तरह का प्रसाद खिला देता है तो अनजाने में खाने वाले व्यक्ति को पाप नहीं लगता है. उन्होंने आगे कहा कि पिठछले दो दिनों से इस तरह के कई सवाल उनके पास बहुत आ रहे हैं. वह लोगों को बता भी रहे हैं कि इस तरह से किसी को पापबोध होने की जरूरत नहीं है. इसके बावजूद अगर किसी भक्त को या सनातनी को ऐसा लगता है कि इस लड्डू को खाने से उसके शरीर की पवित्रता चली गई है तो पापबोध से मुक्ति के लिए वह पंचगव्य का सेवन कर सकता है.
इसकी जांच हो कि यह अपराध किसने किया ?
तो वहीं आगे इस मौके पर शंकराचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह का अपराध किसने और क्यों किया? इस सवाल का जवाब लोगों के सामने आना चाहिए. इस तरह का घटिया अपराध करने वाले व्यक्ति को सख्त से सख्त दंड भी मिलना चाहिए. तो वहीं आगे शंकराचार्य ने अपनी अयोध्या यात्रा का उद्देश्य और यहां के कार्यक्रमों की भी जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि रविवार को वह रामकोट की परिक्रमा करेंगे. इसके बाद श्रीरेश्वर नाथ मंदिर में जलाभिषेक और गौर संवर्धन को लेकर गौ पूजा समेत कई अन्य कार्यक्रमों में भी वह शामिल होंगे.
ये भी पढ़ें…
Prasad Controversy: डिंपल यादव का बड़ा दावा, मथुरा के प्रसाद में भी हो रही मिलावटी, इसकी जांच हो
शंकराचार्य ने राम मंदिर में नहीं की पूजा
आपको बता दें कि ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी रविवार को अयोध्या में मौजूद जरूर रहे लेकिन उन्होंने राम मंदिर में पूजा नहीं की. तो वहीं जब उनसे इसके बारे में पूछा गया कि आपने राम मंदिर में पूजू क्यों नहीं कि तो इस पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मंदिर का निर्माण अभी अधूरा है और आंशिक रूप से निर्मित है. जिसकी वजह से मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं की जा सकती है. उन्होंने आगे कहा कि वह मंदिर में पूजा-अर्चना तभी करेंगे जब मंदिर का शिखर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा.
शंकराचार्य ने बीजेपी पर साधा निशाना
तो वहीं इन सब के बीच अयोध्या में शंकराचार्य स्वामी ने गोवंश को लेकर बीजेपी पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा प्राप्त हो। गौ माता को लेकर BJP का दोहरा चरित्र अब नहीं चलेगा। बीजेपी के नेताओं को अपना एजेंडा साफ करना होगा। शंकराचार्य स्वामी ने अयोध्या से गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा की शुरुआत की है. उन्होंने संतों की मौजूदगी में एक धर्मसभा को भी संबोधित किया. धर्मसभा में शंकराचार्य ने संवैधानिक प्रावधानों को लागू करने और गाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने का आह्वान किया है.

