Mumbai: मुंबई के धारावी इलाके में बुधवार को बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) द्वारा एक मस्जिद के कथित अवैध हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मस्जिद को लेकर जारी विवाद के बीच बड़ी संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए। नाराज प्रदर्शनकारियों ने बीएमसी की एक गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और सड़क पर बैठकर विरोध जताया, जिससे इलाके में यातायात बाधित हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है।
घटनास्थल से सामने आए वीडियो में सैकड़ों लोग नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं पुलिसकर्मी भीड़ को संभालने की कोशिश में जुटे हैं। हालात ऐसे बन गए कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की होती भी देखी जा सकती है। सड़क पर भीड़ जमा होने से ट्रैफिक में खासी दिक्कतें आ रही हैं।
पुलिस ने की शांति की अपील
पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने और स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे शांति से बैठकर बात करें और ट्रैफिक में फंसे वाहनों को जाने दें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं और बातचीत से समस्या का हल निकालने की कोशिश करें। इस बीच, मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग भी सामने आए और प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे सड़कों से हट जाएं ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सके।
क्या है मामला?
धारावी स्थित इस मस्जिद का नाम ‘महबूब सुबहानि’ है, जो 60 साल से अधिक पुरानी है। बीएमसी द्वारा इस मस्जिद को दो साल पहले नोटिस भेजा गया था, लेकिन उस समय किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका था। मस्जिद पहले ग्राउंड प्लस 2 मंजिल की थी, लेकिन जनसंख्या में वृद्धि और मस्जिद में नमाजियों की संख्या बढ़ने के कारण एक और मंजिल का निर्माण किया गया था। यह काम तीन साल से चल रहा था, जो अब जाकर पूरा हुआ है।
इस बीच, बारिश के दौरान मस्जिद में पानी भर जाने की समस्या के कारण मरम्मत का कार्य भी किया गया था। बीएमसी ने इसे अवैध निर्माण करार देते हुए मस्जिद के हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद यह तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
ये भी पढ़ें..
पुलिस और बीएमसी की कार्रवाई पर सवाल
स्थानीय लोग बीएमसी की इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि मस्जिद में जनसंख्या बढ़ने के कारण अतिरिक्त मंजिल बनाई गई है और यह काम किसी अवैध तरीके से नहीं किया गया। वहीं, बीएमसी का दावा है कि मस्जिद का निर्माण नियमों के खिलाफ किया गया है, जिसे लेकर पहले से नोटिस जारी किया गया था।

