Greater Noida: ग्रेटर नोएडा के जेवर एयरपोर्ट के पास स्थित रन्हेरा गांव में पानी भरे होने की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के घरों और सड़कों पर जलभराव से नारकीय हालात पैदा हो गए हैं। एक महीने से जारी इस समस्या के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों की पीड़ा को मीडिया ने जब उठाया, तब प्रशासन की टीम ने गांव का दौरा किया। बावजूद इसके, हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ है।
प्रशासन की धीमी कार्रवाई पर ग्रामीणों का आक्रोश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रशासन को जब शासन से फटकार लगी तो एडीएम अतुल कुमार, एसडीएम अभय सिंह सहित अन्य अधिकारियों की टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने दावा किया कि जलभराव को कम करने के लिए पंप लगाए गए हैं और पानी निकालने का प्रयास जारी है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं।
जलभराव से बढ़ी परेशानियां, स्वास्थ्य पर खतरा
रन्हेरा गांव के बृजपाल सहित अन्य किसानों ने बताया कि गांव में एक ओर से पानी निकाला जा रहा है, जबकि दूसरी ओर से नाले का पानी फिर से गांव में आ रहा है। ऐसे में स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, नाले की मरम्मत के बिना जलभराव की समस्या का समाधान संभव नहीं है।
इस जलभराव से ग्रामीणों के घरों में सांप और अन्य जहरीले जीव निकल रहे हैं, जिससे उनका जीवन खतरे में पड़ गया है। गांव की एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत भी हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में भय और असंतोष का माहौल है।
राहत कैंप भी ऊंचे स्थान पर लगाया गया
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि एडीएम और एसडीएम ने ऊंचे स्थान पर राहत कैंप स्थापित किया है, जो गांव के अधिकांश हिस्सों से काफी दूर है। ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी जताई है, क्योंकि अधिकांश पीड़ित लोग निचले हिस्से में रहते हैं, जहां जलभराव अधिक है।
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समाधान की आस में ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नाले की सही मरम्मत नहीं की जाती और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी जाती, तब तक समस्या बनी रहेगी। प्रशासन ने जलनिकासी के लिए पंप लगाए हैं, लेकिन बड़े स्तर पर काम किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं दिखता।

